Dhoom Dhaam Review: कॉमेडी-ड्रामा के कन्फ्यूजन में आया चक्कर, जानें कैसी है फिल्म की कहानी
Dhoom Dhaam Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम और प्रतीक गांधी की फिल्म धूमधाम नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। चलिए आपको बताते हैं कैसी है फिल्म की कहानी।
Edited By : Himanshu Soni|Updated: Feb 14, 2025 13:39
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Dhoom Dhaam Review
Movie name:Dhoom Dhaam
Director:Rishab Seth
Movie Casts:Yami Gautam, Prateek Gandhi
Dhoom Dhaam Review: (Ashwani Kumar) अगर आप एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं, जिसमें रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी हो, तो 'धूम धाम' आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि अगर आप अगर कुछ इंटरस्टिंग और नया देखने की उम्मीद लिए इस फिल्म को देखना शुरू करोगो तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी। फिल्म कॉमेडी है या ड्रामा, एक प्वाइंट के बाद समझ में ही नहीं आता।
कैसी है 'धूम धाम' की कहानी?
'धूम धाम' की कहानी कुछ अजीब-सी और कॉमेडी-ड्रामा से भरी हुई है, जो एक अरेंज मैरिज के सेटअप पर आधारित है। इस फिल्म में एक लड़का और लड़की जिनकी दुनिया एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है, उनकी शादी होती है। शादी की पहली रात यानी सुहागरात से ठीक पहले उनका सामना एक रहस्यमय व्यक्ति – चार्ली से होता है, जिसके पीछे पुलिस, गुंडे और सीआईडी सब लगे होते हैं। इस दौरान दोनों के बीच रिश्तों में उलझनें और भ्रम की स्थिति बनती है और अंत में वो एक दूसरे से करीब आते हैं, जबकि चार्ली का रहस्य भी सुलझ जाता है।
फिल्म का निर्देशन और स्क्रिप्ट
इस फिल्म का निर्देशन ऋषभ सेठ ने किया है, जिन्होंने ओटीटी फिल्म 'कैश' का निर्देशन भी किया था। फिल्म का स्क्रीनप्ले कुछ खास नहीं है। पूरी फिल्म में कॉमेडी, ड्रामा और एक्शन का मेल है, लेकिन ये किसी नई दिशा में कुछ पेश नहीं करता। पटकथा में सटीकता की कमी महसूस होती है और स्क्रीनप्ले में कई बार फिल्म की गति धीमी हो जाती है। हालांकि, कुछ अच्छे मसाले और फेमिनिज्म के तड़के ने उसे थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है, लेकिन कुल मिलाकर ये कुछ नया या अनोखा पेश नहीं कर पाई।
फिल्म में एक्टिंग रही फीकी
फिल्म में मुख्य भूमिका में यामी गौतम और प्रतीक गांधी हैं। दोनों ही अभिनेता अपनी-अपनी भूमिकाओं में अच्छे हैं, लेकिन उनकी कैमेस्ट्री पर उतना असर नहीं दिखता जितना होना चाहिए था। यामी गौतम और प्रतीक गांधी दोनों ही बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन इस फिल्म में उनका अभिनय कहीं ना कहीं फीका पड़ जाता है। ऐजाज खान ने चार्ली के किरदार में अच्छा काम किया, लेकिन बाकी के सहायक किरदार और परिवार के सदस्य सिर्फ फिल्म के साथ मौजूद रहते हैं।
सिनेमाटोग्राफी और म्यूजिक
सिनेमाटोग्राफी तो अच्छी है, लेकिन कुछ गाने फिल्म में ऐसे हैं, जिन्हें देखने के बाद भी आपको याद नहीं रहते। जबकि इस तरह की फिल्म में संगीत एक अहम हिस्सा हो सकता था, यहां पर वो दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं करता।
एक हल्की-फुल्की फिल्म है धूमधाम
'धूम धाम' को देखना उन दिनों के लिए ठीक हो सकता है जब आप कुछ हल्का-फुल्का देखना चाहते हों, लेकिन इसमें वो खास बात नहीं है जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहे। ये एक पारंपरिक फिल्म है, जो कॉरपोरेट प्रोडक्शन हाउस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है । अगर आप मस्ती और आरामदायक मनोरंजन की तलाश में हैं, तो ये फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
Dhoom Dhaam Review: (Ashwani Kumar) अगर आप एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं, जिसमें रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी हो, तो ‘धूम धाम’ आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है। हालांकि अगर आप अगर कुछ इंटरस्टिंग और नया देखने की उम्मीद लिए इस फिल्म को देखना शुरू करोगो तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी। फिल्म कॉमेडी है या ड्रामा, एक प्वाइंट के बाद समझ में ही नहीं आता।
कैसी है ‘धूम धाम’ की कहानी?
‘धूम धाम’ की कहानी कुछ अजीब-सी और कॉमेडी-ड्रामा से भरी हुई है, जो एक अरेंज मैरिज के सेटअप पर आधारित है। इस फिल्म में एक लड़का और लड़की जिनकी दुनिया एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है, उनकी शादी होती है। शादी की पहली रात यानी सुहागरात से ठीक पहले उनका सामना एक रहस्यमय व्यक्ति – चार्ली से होता है, जिसके पीछे पुलिस, गुंडे और सीआईडी सब लगे होते हैं। इस दौरान दोनों के बीच रिश्तों में उलझनें और भ्रम की स्थिति बनती है और अंत में वो एक दूसरे से करीब आते हैं, जबकि चार्ली का रहस्य भी सुलझ जाता है।
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फिल्म का निर्देशन और स्क्रिप्ट
इस फिल्म का निर्देशन ऋषभ सेठ ने किया है, जिन्होंने ओटीटी फिल्म ‘कैश’ का निर्देशन भी किया था। फिल्म का स्क्रीनप्ले कुछ खास नहीं है। पूरी फिल्म में कॉमेडी, ड्रामा और एक्शन का मेल है, लेकिन ये किसी नई दिशा में कुछ पेश नहीं करता। पटकथा में सटीकता की कमी महसूस होती है और स्क्रीनप्ले में कई बार फिल्म की गति धीमी हो जाती है। हालांकि, कुछ अच्छे मसाले और फेमिनिज्म के तड़के ने उसे थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की है, लेकिन कुल मिलाकर ये कुछ नया या अनोखा पेश नहीं कर पाई।
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फिल्म में एक्टिंग रही फीकी
फिल्म में मुख्य भूमिका में यामी गौतम और प्रतीक गांधी हैं। दोनों ही अभिनेता अपनी-अपनी भूमिकाओं में अच्छे हैं, लेकिन उनकी कैमेस्ट्री पर उतना असर नहीं दिखता जितना होना चाहिए था। यामी गौतम और प्रतीक गांधी दोनों ही बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन इस फिल्म में उनका अभिनय कहीं ना कहीं फीका पड़ जाता है। ऐजाज खान ने चार्ली के किरदार में अच्छा काम किया, लेकिन बाकी के सहायक किरदार और परिवार के सदस्य सिर्फ फिल्म के साथ मौजूद रहते हैं।
सिनेमाटोग्राफी और म्यूजिक
सिनेमाटोग्राफी तो अच्छी है, लेकिन कुछ गाने फिल्म में ऐसे हैं, जिन्हें देखने के बाद भी आपको याद नहीं रहते। जबकि इस तरह की फिल्म में संगीत एक अहम हिस्सा हो सकता था, यहां पर वो दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं करता।
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एक हल्की-फुल्की फिल्म है धूमधाम
‘धूम धाम’ को देखना उन दिनों के लिए ठीक हो सकता है जब आप कुछ हल्का-फुल्का देखना चाहते हों, लेकिन इसमें वो खास बात नहीं है जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहे। ये एक पारंपरिक फिल्म है, जो कॉरपोरेट प्रोडक्शन हाउस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है । अगर आप मस्ती और आरामदायक मनोरंजन की तलाश में हैं, तो ये फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।