रिया अहिर ने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि ये लोग कौन हैं. मैं एक-एक व्यक्ति की पहचान करूंगी. जब आपको कोई मंच मिलता है और करोड़ों लोग आपका समर्थन करते हैं, तब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आपके खिलाफ बोलते हैं. हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी किसी का अपमान करने या उसकी छवि खराब करने का अधिकार नहीं है. यह आंदोलन हम सभी के अधिकारों के लिए था, किसी पार्टी, धर्म या व्यक्ति के लिए नहीं. मैं आगे भी हर गलत बात के खिलाफ आवाज उठाती रहूंगी. डरिए मत और अपने हक के लिए डटे रहिए.'
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रिया ने बताया कि 22 जुलाई को दादर में छात्र आंदोलन के दौरान उनके फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, धमकियों और आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनकी एडिट की हुई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है.
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रिया ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में बहुत से लोगों ने छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मेरी सराहना की. हमने दुनिया को संदेश दिया कि अब हम झुकेंगे नहीं. लेकिन जब हम झुकने से इनकार करते हैं तो कुछ लोग हमें जबरन झुकाने की कोशिश करते हैं. मेरे बारे में कई झूठे दावे किए जा रहे हैं. अफवाह फैलाई जा रही है कि मेरी निजी तस्वीरें लीक हो गई हैं या मेरी कोई एक्सक्लूसिव सब्सक्रिप्शन सेवा है। ये सभी दावे पूरी तरह झूठे हैं.'
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उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'इंस्टाग्राम के अपने कम्युनिटी गाइडलाइंस हैं. अगर आपको मेरे बारे में इस तरह की कोई जानकारी या पोस्ट दिखाई दे तो उसकी सत्यता की जांच जरूर करें. किसी भी अफवाह पर बिना पुष्टि किए विश्वास न करें.'
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रिया ने बताया कि उन्होंने साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की है. वहीं, मुंबई पुलिस के उप पुलिस आयुक्त दत्ता नलावडे ने बताया कि रिया अहिर की शिकायत की जांच शुरू कर दी गई है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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