हिंदी न्यूज़/एंटरटेनमेंट/Sholay Ending Explained: शोले का असली क्लाइमैक्स क्यों नहीं दिखाया? 50 साल बाद क्या बोले रमेश सिप्पी
एंटरटेनमेंट
Sholay Ending Explained: शोले का असली क्लाइमैक्स क्यों नहीं दिखाया? 50 साल बाद क्या बोले रमेश सिप्पी
Sholay Real Ending Explained Ramesh Sippy After 50 Years: 1975 में 15 अगस्त को रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' के असली क्लाइमेक्स को कभी बड़े पर्दे पर दिखाया ही नहीं गया। क्लाइमैक्स में गब्बर सिंह के बेरहमी से कत्ल वाले सीन पर सेंसर बोर्ड ने एतराज जताया था। 50 साल बाद फिल्म का असली क्लाइमेक्स इसी साल 27 जून को इटली के बोलोग्ना में दिखाया गया।
Edited By :
Vijay Jain
Updated: Aug 15, 2025 13:03
Share :
Sholay Real Ending Explained Ramesh Sippy After 50 Years: 1975 में रमेश सिप्पी की रिलीज हुई फिल्म 'शोले' ने आज 15 अगस्त को 50 साल पूरे किए। शोले से पहले रमेश सिप्पी अंदाज़, सीता और गीता और ख़ासकर शक्ति जैसी कई बेहतरीन फ़िल्मों के डायरेक्शन के लिए मशहूर रहे। शोले में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, अमजद खान और हेमा मालिनी जैसे दिग्गज सितारों ने अहम भूमिका निभाई। आपको ये जान कर हैरानी होगी कि फिल्म के असली क्लाइमेक्स को सिनेमा घरों में कभी दिखाया ही नहीं गया। डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने इस बात का खुलासा 50 साल बाद सुभाष के.झा से स्पेशल बातचीत में किया। जानें बातचीत के मुख्य अंश…
https://www.instagram.com/p/DG-A4-coOHC/
क्यों बदलना पड़ा शोले का क्लाईमैक्स?
शोले के सबसे बड़े सीक्रेट से पर्दा उठाते हुए रमेश सिप्पी कहते हैं कि शोले का मूल क्लाइमैक्स कुछ अलग फिल्माया गया था। उसमें दिखाया गया था कि संजीव कुमार का किरदार ठाकुर फिल्म के आखिर में अमजद खान के किरदार गब्बर को अपने नुकीले जूतों से मार डालता है, क्योंकि ठाकुर के हाथ गब्बर ने काट दिए थे, सेंसर बोर्ड को इस क्लाईमैक्स में हिंसा ज्यादा लगी और आपत्ति जता दी। सेंसर बोर्ड के ऑब्जेक्शन के कारण फिल्म के अंत को दोबारा फिल्माना पड़ा।
दोबारा फिल्माए जाने पर क्या शोले का क्लाईमैक्स कमजोर हुआ? इस सवाल पर रमेश सिप्पी कहते हैं कि वैकल्पिक अंत से फिल्म के क्लाइमेक्स के असर को कम करने जैसी कोई बात नहीं थी। गब्बर सिंह को सजा मिलनी तो तय थी। वैसे भी जो गब्बर सिंह ने ठाकुर और उसके परिवार के साथ जो किया, उसके बाद क्या आपको लगता है कि वह किसी दया का हकदार था?"
50 साल बाद दिखाया असली क्लाईमैक्स
शोले के असली क्लाईमैक्स को इटली में दिखाया गया। फिल्म की 50 वीं वर्षगांठ के खास मौके पर इसका वर्ल्ड प्रीमियर 27 जून को इटली के बोलोग्ना में पियाजा मैगीगोर में एक बड़े ओपन-एयर स्क्रीन पर किया गया। फिल्म के नए वर्जन का प्रीमियर नार्थ अमेरिका में 6 सितंबर को 50वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में होगा। यह प्रीमियर टोरंटो के 1,800 सीटों वाले रॉय थॉमसन हॉल में होगा।
Sholay Real Ending Explained Ramesh Sippy After 50 Years: 1975 में रमेश सिप्पी की रिलीज हुई फिल्म ‘शोले’ ने आज 15 अगस्त को 50 साल पूरे किए। शोले से पहले रमेश सिप्पी अंदाज़, सीता और गीता और ख़ासकर शक्ति जैसी कई बेहतरीन फ़िल्मों के डायरेक्शन के लिए मशहूर रहे। शोले में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, अमजद खान और हेमा मालिनी जैसे दिग्गज सितारों ने अहम भूमिका निभाई। आपको ये जान कर हैरानी होगी कि फिल्म के असली क्लाइमेक्स को सिनेमा घरों में कभी दिखाया ही नहीं गया। डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने इस बात का खुलासा 50 साल बाद सुभाष के.झा से स्पेशल बातचीत में किया। जानें बातचीत के मुख्य अंश…
शोले के सबसे बड़े सीक्रेट से पर्दा उठाते हुए रमेश सिप्पी कहते हैं कि शोले का मूल क्लाइमैक्स कुछ अलग फिल्माया गया था। उसमें दिखाया गया था कि संजीव कुमार का किरदार ठाकुर फिल्म के आखिर में अमजद खान के किरदार गब्बर को अपने नुकीले जूतों से मार डालता है, क्योंकि ठाकुर के हाथ गब्बर ने काट दिए थे, सेंसर बोर्ड को इस क्लाईमैक्स में हिंसा ज्यादा लगी और आपत्ति जता दी। सेंसर बोर्ड के ऑब्जेक्शन के कारण फिल्म के अंत को दोबारा फिल्माना पड़ा।
दोबारा फिल्माए जाने पर क्या शोले का क्लाईमैक्स कमजोर हुआ? इस सवाल पर रमेश सिप्पी कहते हैं कि वैकल्पिक अंत से फिल्म के क्लाइमेक्स के असर को कम करने जैसी कोई बात नहीं थी। गब्बर सिंह को सजा मिलनी तो तय थी। वैसे भी जो गब्बर सिंह ने ठाकुर और उसके परिवार के साथ जो किया, उसके बाद क्या आपको लगता है कि वह किसी दया का हकदार था?”
50 साल बाद दिखाया असली क्लाईमैक्स
शोले के असली क्लाईमैक्स को इटली में दिखाया गया। फिल्म की 50 वीं वर्षगांठ के खास मौके पर इसका वर्ल्ड प्रीमियर 27 जून को इटली के बोलोग्ना में पियाजा मैगीगोर में एक बड़े ओपन-एयर स्क्रीन पर किया गया। फिल्म के नए वर्जन का प्रीमियर नार्थ अमेरिका में 6 सितंबर को 50वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में होगा। यह प्रीमियर टोरंटो के 1,800 सीटों वाले रॉय थॉमसन हॉल में होगा।