Hina Khan Lashes Out on Rozlyn Khan: टीवी एक्ट्रेस हिना खान इन दिनों ब्रेस्ट कैंसर के तीसरे स्टेज से गुजर रही हैं। अभिनेत्री अपनी हिम्मत और साहस से इस जंग को लड़ रही हैं। इसी बीच रोजलिन खान ने उन पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए। पहले उनके कैंसर के स्टेज को लेकर और फिर हिना के रोजा रखने पर रोजलिन ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंसर का मरीज रोजा रख ही नहीं सकता क्योंकि ईलाज के दौरान इतनी हिम्मत ही नहीं बचती। अब हिना ने एक बार फिर रोजलिन का बिना नाम लिए उन्हें जवाब दिया है।
हिना ने रोजलिन को दिया करारा जवाब
हिना खान ने रोजलिन का नाम तो नहीं लिया लेकिन अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी के जरिए उन्होंने सभी आलोचकों पर हमला जरूर बोल दिया है। दरअसल हिना ने एक वीडियो के जरिए कहा है कि 'लोग आपके बारे में कुछ भी कहते रहेंगे, लेकिन सिर्फ आपको पता है कि सच्चाई क्या है। दूसरों के लिए काफी आसान होता है आपको जज करना या आपकी आलोचना करना, लेकिन अपने संघर्षों के बारे में सिर्फ आप ही को पता होता है। उन लोगों को आपकी कहानी नहीं पता होती। आपके संघर्ष के बारे में भी उन्हें कोई आइडिया नहीं होता।
हिना ने एक और स्टोरी में बोला हमला
हिना सिर्फ इसी वीडियो तक ही नहीं रुकीं, इसके बाद भी उन्होंने एक और स्टोरी लगाई, जिसमें एक कैप्शन लिखा। हिना के कैप्शन में लिखा हुआ था कि होशियार इंसान कभी भी बदला नहीं लेता। सड़े-गले हुए फल अपने आप ही पेड़ों से गिर जाते हैं। अब हिना रोजलिन का नाम लिए बिना ही सभी आलोचकों को निशाने पर ले रही हैं।
रोजलिन ने रोजा रखने पर साधा था निशाना
दरअसल हिना खान ने रमजान के पहले दिन सहरी से लेकर इफ्तार तक की अपनी खूबसूरत तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। इसके बाद दूसरे दिन उन्होंने अपने भाई के साथ एक रील बनाई, जिसमें दोनों इफ्तार का समय होते ही रोजा खोलने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हिना खान ने अपनी स्टोरीज पर जिम में पसीने बहाते हुए तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
रोजलिन खान ने हिना खान का बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा था कि कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसी भी शख्स के लिए 13-14 घंटे भूखा रहना असंभव है। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने लिखा, 'मुस्लिम रोजा काफी मुश्किल होता है और इसे 13-14 घंटे बिना खाना और पानी के रखना आम इंसान के लिए भी कठिन है। लेकिन जब किसी को कीमोथेरेपी जैसी दवाइयां लेनी हों, तो इसे करना बिल्कुल असंभव है। कैंसर मरीजों को पोषण और हाइड्रेशन की बहुत जरूरत होती है, ताकि उनके शरीर में दर्द न हो और मांसपेशियां कमजोर न पड़ें।'
Hina Khan Lashes Out on Rozlyn Khan: टीवी एक्ट्रेस हिना खान इन दिनों ब्रेस्ट कैंसर के तीसरे स्टेज से गुजर रही हैं। अभिनेत्री अपनी हिम्मत और साहस से इस जंग को लड़ रही हैं। इसी बीच रोजलिन खान ने उन पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए। पहले उनके कैंसर के स्टेज को लेकर और फिर हिना के रोजा रखने पर रोजलिन ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंसर का मरीज रोजा रख ही नहीं सकता क्योंकि ईलाज के दौरान इतनी हिम्मत ही नहीं बचती। अब हिना ने एक बार फिर रोजलिन का बिना नाम लिए उन्हें जवाब दिया है।
हिना ने रोजलिन को दिया करारा जवाब
हिना खान ने रोजलिन का नाम तो नहीं लिया लेकिन अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी के जरिए उन्होंने सभी आलोचकों पर हमला जरूर बोल दिया है। दरअसल हिना ने एक वीडियो के जरिए कहा है कि ‘लोग आपके बारे में कुछ भी कहते रहेंगे, लेकिन सिर्फ आपको पता है कि सच्चाई क्या है। दूसरों के लिए काफी आसान होता है आपको जज करना या आपकी आलोचना करना, लेकिन अपने संघर्षों के बारे में सिर्फ आप ही को पता होता है। उन लोगों को आपकी कहानी नहीं पता होती। आपके संघर्ष के बारे में भी उन्हें कोई आइडिया नहीं होता।

हिना ने एक और स्टोरी में बोला हमला
हिना सिर्फ इसी वीडियो तक ही नहीं रुकीं, इसके बाद भी उन्होंने एक और स्टोरी लगाई, जिसमें एक कैप्शन लिखा। हिना के कैप्शन में लिखा हुआ था कि होशियार इंसान कभी भी बदला नहीं लेता। सड़े-गले हुए फल अपने आप ही पेड़ों से गिर जाते हैं। अब हिना रोजलिन का नाम लिए बिना ही सभी आलोचकों को निशाने पर ले रही हैं।

रोजलिन ने रोजा रखने पर साधा था निशाना
दरअसल हिना खान ने रमजान के पहले दिन सहरी से लेकर इफ्तार तक की अपनी खूबसूरत तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। इसके बाद दूसरे दिन उन्होंने अपने भाई के साथ एक रील बनाई, जिसमें दोनों इफ्तार का समय होते ही रोजा खोलने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हिना खान ने अपनी स्टोरीज पर जिम में पसीने बहाते हुए तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
रोजलिन खान ने हिना खान का बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा था कि कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसी भी शख्स के लिए 13-14 घंटे भूखा रहना असंभव है। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने लिखा, ‘मुस्लिम रोजा काफी मुश्किल होता है और इसे 13-14 घंटे बिना खाना और पानी के रखना आम इंसान के लिए भी कठिन है। लेकिन जब किसी को कीमोथेरेपी जैसी दवाइयां लेनी हों, तो इसे करना बिल्कुल असंभव है। कैंसर मरीजों को पोषण और हाइड्रेशन की बहुत जरूरत होती है, ताकि उनके शरीर में दर्द न हो और मांसपेशियां कमजोर न पड़ें।’