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10 प्रतिशत कहानी, 90% प्रोपेगेंडा, Dhurandhar 2 को लेकर सोशल मीडिया पर लोग कर रहे ऐसे दावे, उठाए सवाल
Dhurandhar 2 The Revenge: आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. जहां कुछ लोग फिल्म और इसकी स्टोरी की तारीफ कर रहे हैं वहीं, कुछ लोग ऐसे हैं, जो दावा कर रहे हैं कि ये प्रोपेगेंडा मूवी है. फिल्म के फैक्ट्स पर सवाल उठाए गए हैं.
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
धुरंधर 2 द रिवेंज: मुख्य विवाद
रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर 2 द रिवेंज' ने पांच दिनों में वर्ल्डवाइड 800 करोड़ और भारत में 600 करोड़ से अधिक की कमाई की है।
फिल्म में पीएम मोदी के कैमियो और कुछ 'फैक्ट्स' को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, कुछ लोग इसे 'प्रोपेगेंडा मूवी' कह रहे हैं।
मेजर इकबाल का नोटबंदी से कनेक्शन और अतीक अहमद की मौत के सीन पर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि ऐतिहासिक तथ्यों से उनका मेल नहीं खाता।
विवादित दावों का विश्लेषण
सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि फिल्म में दिखाए गए कई आतंकवादी कांग्रेस शासन के दौरान मारे गए थे, न कि पीएम मोदी के कार्यकाल में, और रॉ की स्थापना इंदिरा गांधी ने 1968 में की थी।
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2 द रिवेंज' दर्शकों की पसंदीदा फिल्म बन गई है. इसका पहला पार्ट साल 2025 में दिसंबर महीने में रिलीज किया गया था और इसके कुछ ही महीने के बाद अब फिल्म का दूसरा पार्ट भी रिलीज कर दिया गया है. फिल्म रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई है. इसने महज पांच दिनों में ही वर्ल्डवाइड 800 करोड़ की कमाई का आंकड़ा भी कर लिया है. वहीं, इंडिया में फिल्म ने 600 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है.
फिल्म की कहानी और एक्टर्स की एक्टिंग की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. आदित्य धर ने जिस तरह से कहानी में फैक्ट्स और ट्विस्ट दिखाए हैं, उसका हर कोई मुरीद हो गया है. उनकी सभी सराहना कर रहे हैं. लेकिन, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो उनकी इस फिल्म की कहानी पर सवाल उठा रहे हैं. फिल्म में पीएम मोदी का कैमियो कुछ लोगों को पसंद नहीं आया और इसके फैक्ट्स पर सवाल उठाते हुए इसे एक प्रोपेगेंडा मूवी करार दे दिया है. उनका मानना है कि 'धुरंधर' में 10 प्रतिशत तक प्रोपेगेंडा था और 90 प्रतिशत कहानी तो वहीं, इसके सीक्वेल में 90 प्रतिशत प्रोपेगेंडा है. चलिए बताते हैं लोगों ने फिल्म के किन फैक्ट्स पर सवाल उठाए हैं…
मेजर इकबाल का नोटबंदी से कनेक्शन कैसे?
सोशल मीडिया पर 'धुरंधर 2 द रिवेंज' के एक सीन को लेकर लोग काफी सवाल कर रहे हैं, जिसमें ISI के मेजर इकबाल का कनेक्शन नोटबंदी के साथ दिखाया गया है. फिल्म में दिखाया गया है कि वह पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से काफी परेशान हो जाता है. ऐसे में अब यहां सवाल लोग ये उठा रहे हैं कि मेजर इकबाल को इलियास कश्मीरी के रोल में दिखाया गया है, जबकि इसकी मौत तो 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ही हो गई थी. फिर वो 2016 में नोटबंदी का हिस्सा वो कैसे हो गया.
https://www.instagram.com/p/DWOjaD1kk7T/
इसके साथ ही यूजर का कहना है कि फिल्म में जितने आतंकवादी मारते हुए दिखाए गए हैं उसमें से ज्यादातर तो कांग्रेस के समय में ही मार दिए गए थे लेकिन फिल्म में दावा किया गया है कि पीएम मोदी ने ही मारे हैं.
वहीं, आदित्य धर की फिल्म में 5 बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद की मौत का सीन भी दिखाया है. फिल्म में अतीक के लुक में आतीफ किरदार को दिखाया गया है, जिसका सीधा कनेक्शन आतंकवादियों से दिखाया गया है. ऐसे में यहां पर अब लोग सवाल ये उठा रहे हैं कि जब अतीक अहमद का कनेक्शन आतंकवादियों से रहा था तो सदन में सारे सांसदों ने श्रद्धांजलि क्यों दी थी. यूजर का कहना है कि जब उसका कनेक्शन आतंकवाद से रहा था तो सदन में श्रद्धांजलि क्यों दी गई? यूजर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो इसका जवाब बीजेपी वाले ही दे सकते हैं.
https://www.instagram.com/p/DWLjOh-k24s/
शख्स ने किया दावा- बताया क्या है प्रोपेगेंडा?
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक यूजर 'धुरंधर 2' के प्रोपेगेंडा वर्सेज रियलिटी के बारे में बता रहा है. यूजर ने बताया कि हमजा ल्यारी में 2004 में गया था, इलियास कश्मीरी उर्फ मेजर इकबाल 2011 में मारा गया था तो उस समय कांग्रेस के दिवंगत नेता मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. यूजर ये भी दावा करता है कि जब एसपी चौधरी असलम की मौत जनवरी, 2014 में हुई थी उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी. वहीं, जमील जमाली के रोल को लेकर शख्स का कहना है कि वह ल्यारी में 45 साल पहले गया था उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं.
https://www.instagram.com/p/DWOMIXoDclQ/
यूजर ने ये भी दावा किया कि रॉ की नींव रखने वाली भी इंदिरा गांधी ही थी, जिसे 1968 में बनाया गया था. आलम 10 साल पहले पाकिस्तान गया था और उस समय नरसिम्हा राव की सरकार थी. वहीं, रहमान डकैत की मौत 2009 में हुई थी उस सयम भी मनमोहन सिंह की सरकार थी. अरशद पप्पू की मौत को लेकर भी शख्स कहता है कि उसकी मौत भी 2013 में हुई थी. उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी. हमजा के घरवालों को 30000 महीना कांग्रेस की सरकार देती थी. यूजर ने दावा किया कि इनमें से किसी भी बात का लिंक बीजेपी या फिर पीएम मोदी से नहीं है. फिर भी मूवी में डायलॉग है कि जब से ये चाय वाला हिंदुस्तान में आया है हमारे लोगों में डर और खौफ बन गया है. ऐसे में शख्स ने दावा किया कि यही प्रोपेगेंडा है.
हालांकि, न्यूज 24 इन दावों की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन, इन सवालों पर ना तो मेकर्स की ओर से कुछ कहा गया है और ना ही सरकार ने जवाब दिया है.
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2 द रिवेंज’ दर्शकों की पसंदीदा फिल्म बन गई है. इसका पहला पार्ट साल 2025 में दिसंबर महीने में रिलीज किया गया था और इसके कुछ ही महीने के बाद अब फिल्म का दूसरा पार्ट भी रिलीज कर दिया गया है. फिल्म रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई है. इसने महज पांच दिनों में ही वर्ल्डवाइड 800 करोड़ की कमाई का आंकड़ा भी कर लिया है. वहीं, इंडिया में फिल्म ने 600 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है.
फिल्म की कहानी और एक्टर्स की एक्टिंग की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. आदित्य धर ने जिस तरह से कहानी में फैक्ट्स और ट्विस्ट दिखाए हैं, उसका हर कोई मुरीद हो गया है. उनकी सभी सराहना कर रहे हैं. लेकिन, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो उनकी इस फिल्म की कहानी पर सवाल उठा रहे हैं. फिल्म में पीएम मोदी का कैमियो कुछ लोगों को पसंद नहीं आया और इसके फैक्ट्स पर सवाल उठाते हुए इसे एक प्रोपेगेंडा मूवी करार दे दिया है. उनका मानना है कि ‘धुरंधर’ में 10 प्रतिशत तक प्रोपेगेंडा था और 90 प्रतिशत कहानी तो वहीं, इसके सीक्वेल में 90 प्रतिशत प्रोपेगेंडा है. चलिए बताते हैं लोगों ने फिल्म के किन फैक्ट्स पर सवाल उठाए हैं…
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मेजर इकबाल का नोटबंदी से कनेक्शन कैसे?
सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर 2 द रिवेंज’ के एक सीन को लेकर लोग काफी सवाल कर रहे हैं, जिसमें ISI के मेजर इकबाल का कनेक्शन नोटबंदी के साथ दिखाया गया है. फिल्म में दिखाया गया है कि वह पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से काफी परेशान हो जाता है. ऐसे में अब यहां सवाल लोग ये उठा रहे हैं कि मेजर इकबाल को इलियास कश्मीरी के रोल में दिखाया गया है, जबकि इसकी मौत तो 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ही हो गई थी. फिर वो 2016 में नोटबंदी का हिस्सा वो कैसे हो गया.
इसके साथ ही यूजर का कहना है कि फिल्म में जितने आतंकवादी मारते हुए दिखाए गए हैं उसमें से ज्यादातर तो कांग्रेस के समय में ही मार दिए गए थे लेकिन फिल्म में दावा किया गया है कि पीएम मोदी ने ही मारे हैं.
वहीं, आदित्य धर की फिल्म में 5 बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद की मौत का सीन भी दिखाया है. फिल्म में अतीक के लुक में आतीफ किरदार को दिखाया गया है, जिसका सीधा कनेक्शन आतंकवादियों से दिखाया गया है. ऐसे में यहां पर अब लोग सवाल ये उठा रहे हैं कि जब अतीक अहमद का कनेक्शन आतंकवादियों से रहा था तो सदन में सारे सांसदों ने श्रद्धांजलि क्यों दी थी. यूजर का कहना है कि जब उसका कनेक्शन आतंकवाद से रहा था तो सदन में श्रद्धांजलि क्यों दी गई? यूजर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तो इसका जवाब बीजेपी वाले ही दे सकते हैं.
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक यूजर ‘धुरंधर 2’ के प्रोपेगेंडा वर्सेज रियलिटी के बारे में बता रहा है. यूजर ने बताया कि हमजा ल्यारी में 2004 में गया था, इलियास कश्मीरी उर्फ मेजर इकबाल 2011 में मारा गया था तो उस समय कांग्रेस के दिवंगत नेता मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. यूजर ये भी दावा करता है कि जब एसपी चौधरी असलम की मौत जनवरी, 2014 में हुई थी उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी. वहीं, जमील जमाली के रोल को लेकर शख्स का कहना है कि वह ल्यारी में 45 साल पहले गया था उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं.
यूजर ने ये भी दावा किया कि रॉ की नींव रखने वाली भी इंदिरा गांधी ही थी, जिसे 1968 में बनाया गया था. आलम 10 साल पहले पाकिस्तान गया था और उस समय नरसिम्हा राव की सरकार थी. वहीं, रहमान डकैत की मौत 2009 में हुई थी उस सयम भी मनमोहन सिंह की सरकार थी. अरशद पप्पू की मौत को लेकर भी शख्स कहता है कि उसकी मौत भी 2013 में हुई थी. उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी. हमजा के घरवालों को 30000 महीना कांग्रेस की सरकार देती थी. यूजर ने दावा किया कि इनमें से किसी भी बात का लिंक बीजेपी या फिर पीएम मोदी से नहीं है. फिर भी मूवी में डायलॉग है कि जब से ये चाय वाला हिंदुस्तान में आया है हमारे लोगों में डर और खौफ बन गया है. ऐसे में शख्स ने दावा किया कि यही प्रोपेगेंडा है.
हालांकि, न्यूज 24 इन दावों की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन, इन सवालों पर ना तो मेकर्स की ओर से कुछ कहा गया है और ना ही सरकार ने जवाब दिया है.