CBFC Reconstituted: सीबीएफसी यानी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) का पुनर्गठन किया गया है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज यानी बुधवार को इसकी जानकारी खुद दी है. नए पैनल में अब हिंदी सिनेमा के कई पॉपुलर नाम शामिल किए गए हैं. आइए जानते हैं कि नए बोर्ड में कौन-कौन शामिल किया गया है और अब ये बोर्ड कितने समय तक काम करेगा?
कौन-कौन शामिल?
जानकारी की मानें, तो नए बोर्ड में बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं, जिसमें प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, रूपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और प्रसेनजीत चटर्जी के अलावा विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, हंसराज हंस, सुप्रिया यरलगड्डा, यतींद्र मिश्रा, नीला माधब पांडा, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतंगे जैसे स्टार्स के नाम शामिल हैं.
सीबीएफसी का काम
बता दें कि इस 18 सदस्यीय बोर्ड का गठन सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के तहत किया गया है और अब ये बोर्ड तीन साल के लिए या उससे आगे के आदेश तक काम करेगा. सीबीएफसी के काम की बात करें तो सीबीएफसी फिल्मों को प्रमाणपत्र देने वाला देश का मुख्य बॉडी है.
फिल्मों की जांच
दरअसल, इसी बोर्ड के तहत फिल्मों के कंटेंट की जांच होती है. यहीं बोर्ड फिल्मों को यू, यूए, ए या एस जैसे सर्टिफिकेट देता है. खास बात ये है कि सीबीएफसी के बोर्ड में अब अभिनेता, निर्देशक, संगीतकार और अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे, जो फिल्मों को प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे.
चार श्रेणियों में सर्टिफिकेट
इसके अलावा अगर सीबीएफसी की बात करें तो इसकी स्थापना सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के तहत की गई है. सीबीएफसी को ही सेंसर बोर्ड भी कहा जाता है. इसके अलावा सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट की बात करें तो सीबीएफसी मुख्य रूप से चार श्रेणियों में सर्टिफिकेट देता है, जिसमें यू, यूए, ए और एस शामिल होती हैं.
यू कैटेगिरी
यू (Universal): बिना किसी प्रतिबंध के सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए होता है.
यूए (Unrestricted Public Exhibition- Parental Guidance): 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता के मार्गदर्शन की सलाह पर ही.
ए (Adult): केवल एडटल्स (18 वर्ष से ज्यादा) के लिए, 18 साल से कम वाले इसमें शामिल नहीं होते.
एस (Specialised): विशिष्ट दर्शकों जैसे डॉक्टरों या विशेष पेशेवरों के लिए सीमित.
कैसे करते हैं आवेदन?
अगर किसी फिल्म को प्रमाणन के लिए आवेदन की बात करें तो भारत में फिल्मों के प्रमाणन (सेंसरशिप और रेटिंग) के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह से डिजिटल हो चुकी है. सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियम के तहत e-Cinepramaan (ई-सिनेप्रमान) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है.
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