राज कपूर ने जब जेल में बंद गीतकार से लिखवाया था गाना, मुकेश ने दी आवाज और बन गया सदाबहार नगमा

Raj Kapoor Iconic Song: राज कपूर का एक गाना ऐसा है जिसके पीछे एक दिलचस्प किस्सा छुपा है. इस गाने के बोल को राज कपूर ने गीतकार से जेल में लिखवाए थे. वहीं जब ये गाना रिलीज हुआ तो ये गाना हर किसी का फेवरेट बन गया था.

Raj Kapoor Iconic Song

राज कपूर का वो गाना वो बन गया था आइकॉनिक (Pic Credit- Instagram)

Raj Kapoor Iconic Song: बॉलीवुड में कई गाने ऐसे हैं जो रिलीज होते ही आइकॉनिक बन गए. इन गानों के पीछे भी कई दिलचस्प कहानियां छिपी हुई हैं. आज हम आपको राज कपूर के एक ऐसे गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बोल जेल में लिखे गए थे. वहीं बाद में जब ये गाना रिलीज हुआ तो कल्ट क्लासिक बन गया. आज भी ये गाना ऑडियंस में काफी पॉपुलर है. इस गाने के पीछे क्रांतिकारी गीतकार का टैलेंट भी छुपा है, जिसे राज कपूर ने अपने गाने के जरिए स्क्रीन पर दिखाया. हम जिस गाने की बात कर रहे हैं ये फिल्म ‘तीसरी कसम’ का ‘दुनिया बनाने वाले’ गाना है. चलिए आपको भी बताते हैं शुरुआत में इस गाने के बोल किसने लिखे थे.

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राज कपूर ने की गीतकार की मदद

राज कपूर के इस गाने के पीछे गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी की कहानी जुड़ी है. दरअसल आजादी के टाइम पर मजरूह सुल्तानपुरी की कविताएं काफी फेमस थीं. उनकी एक कविता की लाइनें थीं, ‘‘दिल में ख्वाब डॉलर का बसाकर फिरती है भारत की अहिंसा.’ ये काफी फेमस हुई थी लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को ये लाइनें रास नहीं आई थी और मजरूह सुल्तानपुरी को जेल की सजा सुना दी गई थी. जब राज कपूर को उनकी हालत का पता चला तो उन्होंने गीतकार की मदद करने का फैसला किया.

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जेल में लिखवाया गाना

राज कपूर गीतकार से मिलने जेल गए और वहां उन्होंने गीतकार से कुछ ऐसी लाइनें लिखने के लिए कहा, जो ये दिखाए कि ये दुनिया क्यों बनी है और कैसे बनी है. गीतकार ने राज कपूर की ये बात मानते हुए तुरंत उन्हें एक मुखड़ा लिखकर दे दिया. इस मुखड़े की लाइनें थीं, ‘दुनिया बनाने वाले क्या तेरे दिल में समाई, काहे को दुनिया बनाई.’ इसके लिए राज कपूर ने गीतकार को 1000 रुपये दिए. उस जमाने में 1000 रुपये काफी मायने रखते थे. दरअसल राज कपूर का असली मकसद गीतकार की मदद करना ही था, लेकिन अगर वो ऐसे ही गीतकार को पैसे देते तो वो लेने से इनकार कर देते. तब राज कपूर ने गीतकार से गाना लिखवाया और उन्हें फीस के तौर पर पैसे दिए.

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गाने में क्यों नहीं गीतकार का जिक्र?

अब बात ये है कि इस गाने में मजरूह सुल्तानपुरी का नाम ही नहीं है. इसके पीछे भी अलग कहानी है. दरअसल इस वाक्य के 17 साल गुजरने के बाद जब राज कपूर ‘तीसरी कसम’ में काम कर रहे थे तो उनको इस गाने का ख्याल आया. तब उन्होंने हसरत जयपुरी को इस गाने की लाइनें थमाई, जिसके बाद हसरत जयपुरी ने इस पूरे गाने को लिखा. वहीं ये ही वजह है कि हसरत जयपुरी को इस गाने का क्रेडिट दिया जाता है. ‘दुनिया बनाने वाले’ गाना जब रिलीज हुआ तो ये हर किसी का फेवरेट बन गया था. 

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