JEE Main 2023: शिक्षा मंत्रालय ने किया बड़ा बदलाव, जेईई मेन के उम्मीदवारों के लिए अब ये होगी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

jee main 2023

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JEE Main 2023: संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन में शामिल होने के इच्छुक छात्रों को राहत देते हुए शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने फैसला किया कि 12वीं कक्षा की परीक्षा में 75 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने की पात्रता मानदंड (jee mains eligibility criteria) के अलावा, टॉप 20 के छात्र सभी बोर्ड के पर्सेंटाइल अपने जेईई मेन स्कोर के आधार पर प्रवेश लेने के पात्र होंगे।

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (GFTI) में एडमिशन लेने के लिए JEE Main रैंक के अलावा पिछले मानदंड के लिए छात्रों को कक्षा 12वीं में कम से कम 75% अंक प्राप्त करने की आवश्यकता थी।

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इन उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत

जेईई मेन-आधारित प्रवेश के लिए 75% बोर्ड परीक्षा (Board Exam) अंकों के लिए पहले से मौजूद नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। NTA ने इसके अतिरिक्त मानदंड की घोषणा की है जो छात्रों को IIT, NIT और अन्य GFTI में एडमिशन के लिए योग्य बनाएगा। NTA ने कहा कि यह नया नियम हितधारकों के साथ बातचीत के बाद जोड़ा गया है।

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इन परिस्थितियों में नहीं होगी 75% मार्क्स की जरूरत

NTA के अधिकारिक नोटिस के अनुसार, “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को कक्षा 12वीं की परीक्षा में 75% अंकों के मानदंड को बदलने के संबंध में हितधारकों से कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। उन उम्मीदवारों के लिए जो NIT, IIT और ऐसे अन्य GFTI में एडमिशन के लिए योग्यता प्राप्त करते हैं, जिनके प्रवेश पर आधारित हैं। JEE Main की परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कक्षा 12वीं की परीक्षा में कम से कम 75% अंक प्राप्त करने चाहिए या संबंधित बोर्ड द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा में टॉप 20 पर्सेंटाइल प्राप्त होना चाहिए।”

उम्मीदवारों के लिए बड़ी छूट 

नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है, ‘एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए कक्षा 12वीं की परीक्षा में क्वालिफाइंग मार्क्स 65 फीसदी होने चाहिए।’ यह घोषणा उस दिन हुई जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने कार्यकर्ता अनुभा श्रीवास्तव सहाय द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद प्रवेश परीक्षा स्थगित करने से इनकार कर दिया था।

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याचिका में इस साल JEE Main से 75% अंक के नियम को हटाने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश की भी मांग की गई है। इस याचिका की अगली सुनवाई 21 फरवरी को निर्धारित की गई है। तब तक प्रवेश परीक्षा का पहला सेशन समाप्त हो जाएगा।

अप्रैल की एग्जाम में मिलेगा एक और मौका

अदालत ने कहा कि अगर कोई उम्मीदवार जनवरी 2023 सेशन में अच्छा प्रर्दशन नहीं कर पाता है तो वह अप्रैल सेशन में उपस्थित हो सकता है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह बात उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही जिसमें जेईई मेन स्थगित करने और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में 75% मार्क्स छूट की मांग की गई थी। यह याचिका एक्टिविस्ट अनुभा श्रीवास्तव सहाय ने एनटीए के खिलाफ दायर की थी।

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