Azadi Ka Amrit Mahotsav:  वीक ऑफ पर निकालते हैं रैली, अब तक 300 गांवों में खुलवा चुके “ग्राम पाठशाला”

graam pathshala
विज्ञापन

अमित कसाना, नई दिल्ली: गांव के पंचायत घर में असमाजिक तत्वों का डेरा रहता था। युवक गलत राह पर नहीं जाएं इसलिए वर्ष 2018 में नोएडा के झुंडपुरा गांव निवासी रामवीर तंवर ने अपने गांव के पंचायत घर में एक लाइब्रेरी की शुरूआत की। गांव की इस लाइब्रेरी की सफलता ने उन्हें जीवन में मानों नया मकसद दे दिया। उन्होंने 100 गांवों में (मिशन 100: रूरल लाइब्रेरी) रूरल लाइब्रेरी खोलने का सपना बुना और लाइब्रेरी खोलने के काम में लग गए। 100 लाइब्रेरी पूरी हुई तो लोग उन्हें “लाइब्रेरी मैन ऑफ इंडिया” के नाम से पुकारने लगे।

विज्ञापन

 

 

छह राज्यों में 300 लाइब्रेरी

विज्ञापन

पेशे से बीटेक (मैकेनिकल इंजिनयर) रामवीर एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने गांव के लोगों के सहयोग से ही लाइब्रेरी खोलने की शुरूआत की। आज देशभर के अलग-अलग राज्यों यूपी, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा में वह कुल 300 से अधिक लाइब्रेरी खुलवा चुकें हैं। उनकी टीम में एनएचआरसी में इंस्पेक्टर लालबहार, शिक्षक अजयपाल, पुलिसकर्मी प्रवीण बैंसला, सोनू बैंसला, मोटिवेशनल स्पीकर अमर चौधरी समेत समेत अलग-अलग पेशे से जुड़े 250 लोग हैं।

2020 में ग्राम पाठशाला

विज्ञापन

सितंबर 2020 में जब लोग जुड़े तो उन्होंने अपने मिशन को नाम दिया “ग्राम पाठशाला”। यह सभी लोग अपने काम से छुट्टी वाले दिन गांव-गांव में पैदल व साइकिल पर रैली निकालते हैं। हाथ में बैनर-पोस्टर लिए लोगों को किताबें, लाइब्रेरी के महत्व को बताते हैं। फिर गांव वालों को राजी कर उनके सहयोग से ही लाइब्रेरी का निर्माण स्थानीय समुदाय भवन, पंचायत घर या जहां जगह मिले वहां करवाते हैं।

छह लाख लाइब्रेरी

विज्ञापन

टीम ग्राम पाठशाला की मंशा है कि देशभर के छह लाख से अधिक गांवों, छोटे कस्बों तक वह लाइब्रेरी खोलें। जिससे आसपास के युवा इंटरनेट, टीवी आदि में अधिक समय लगाकर जो समय बर्बाद कर रहें हैं वह इन लाइब्रेरी में जाकर पढ़ें और नशा करने की बजाए किताबों से अपनी दोस्ती करें। टीम ग्राम पाठशाला का सपना है कि भारत को विश्व पुस्तकालय वाले देश क तौर पर जाना जाए।

चयनित हो रहे छात्र
रामवीर के अनुसार इन लाइब्रेरियों से पढ़कर लगातार छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहें हैं। हाल ही में आए यूपीएसआई के आए नतीजों में मनोज बैसोया गांव सादोपुर, नवीन नब्बू गांव वैदपुरा, निखिल गांव कचैड़ा अंकित शर्मा गांव लखलावनी, रमन शर्मा व निर्मल शर्मा गांव बम्बवाड़ आदि बच्चे सफल हुए हैं।

विज्ञापन
लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ