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2025 में UPI ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, कैसा रहेगा साल 2026?

UPI ने साल 2025 में 2024 के मुकाबले कुल ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में 33% और वैल्यू के मामले में 21% ज्‍यादा परफॉर्म क‍िया. ऐसे में आइये जानते हैं क‍ि ये साल 2026 यूपीआई के ल‍िए कैसा रह सकता है?

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UPI का इस्‍तेमाल अब आम बात है. आपकी जेब में भी अब कैश कम ही रहता होगा. UPI ने रोजमर्रा के कॉमर्स की रीढ़ के तौर पर अपनी भूमिका को फिर से साबित किया है. मेट्रो शहरों से लेकर भारत के छोटे कस्बों और गांवों तक, हर जगह इसके जर‍िए आसानी से पेमेंट हो रहा है. ऐसे में यूपीआई बीतते साल के साथ कई पुराने र‍िकॉर्ड तोड़ रहा है. UPI ने 2025 में कुल 300 ट्रिलियन रुपये के 228 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जो साल 2024 की तुलना में कुल ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में 33% ज्‍यादा और वैल्यू के मामले में 21% ज्‍यादा है.

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प्लेटफॉर्म ने 2025 में अपने सबसे ज्‍यादा सालाना ट्रांजैक्शन को लेकर जो आंकड़े पेश क‍िए हैं, उसके अनुसार दिसंबर 2025 में, प्लेटफॉर्म ने रिकॉर्ड 21.6 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनकी कीमत 30 ट्रिलियन रुपये थी. वॉल्यूम के मामले में यह सालाना 29% और वैल्यू के मामले में 20% ज्‍यादा है.इसी महीने के दौरान, इसने रोजाना औसतन 698 मिलियन ट्रांजैक्शन हुआ.

NPCI की कोश‍िश रंग लाई

म‍िंट की र‍िपोर्ट के अनुसार पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PayNearby के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर आनंद कुमार बजाज ने कहा क‍ि NPCI की ओर से एक डेडिकेटेड मैंडेट-मैनेजमेंट पोर्टल के जरिए UPI Autopay को मजबूत करने की हालिया पहल, सब्सक्रिप्शन, यूटिलिटी और डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता, यूजर कंट्रोल और बार-बार होने वाले पेमेंट में आसानी लाने की दिशा में एक सही समय पर उठाया गया कदम है.

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विशेषज्ञों की मानें तो मंथली ट्रांजैक्शन में लगातार बढ़ोतरी कंज्यूमर के व्यवहार में स्ट्रक्चरल बदलाव को दिखाती है, जिसमें UPI मेट्रो शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी पेमेंट का डिफॉल्ट तरीका बन गया है.

2026 में कैसा रहेगा आउटलुक ?
साल 2026 में भी ट्रांजैक्शन में ग्रोथ की उम्मीद है. क्‍योंक‍ि टियर-3 शहरों और उससे भी आगे गांवों में स्‍मार्टफोन का यूज बढ़ा है, ज‍िससे UPI का इस्‍तेमाल बढ़ रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो हाल के इनोवेशन और पहलों जैसे बायोमेट्रिक पहचान, स्थानीय भाषा वाले बातचीत के इंटरफेस और ट्रस्ट-फर्स्ट ऑनबोर्डिंग की मदद से इसे अपनाने वालों की संख्या बढ़ेगी. साल 2026 वह साल होगा जब पेमेंट तेज होने से इंटेलिजेंट हो जाएंगे. ग्रोथ नए पेमेंट बिहेवियर जैसे कन्वर्सेशनल और एजेंटिक पेमेंट, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और इंटेलिजेंट क्रॉस-बॉर्डर फ्लो से होगी जो ट्रांजैक्शन पर रिएक्ट करने के बजाय इरादे को समझते हैं.

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First published on: Jan 02, 2026 08:17 AM

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