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Budget 2026: पहली बार हिंदी में कब छपा देश का बजट? ऐतिहासिक फैसले की दिलचस्प कहानी

Budget 1955 History: भारत में बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज है. क्या आप जानते हैं कि आजादी के बाद भी कई सालों तक बजट सिर्फ अंग्रेजी में ही छपता था? 1955 में एक ऐसा बदलाव हुआ जिसने बजट को 'खास' से 'आम' बना दिया.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Jan 24, 2026 13:47
finance minister CD Deshmukh

Budget 1955 History: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल का बजट रविवार 1 फरवरी को पेश करेंगी. ब्रिटिश हुकूमत के दौर से ही बजट पेश करने की भाषा अंग्रेजी थी. 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब भी यह परंपरा जारी रही. 1947 से लेकर 1954 तक भारत के बजट दस्तावेज केवल अंग्रेजी भाषा में ही प्रकाशित और वितरित किए जाते थे. इस कारण देश की एक बड़ी आबादी बजट की बारीकियों को समझने से वंचित रह जाती थी. बजट के इतिहास में साल 1955 एक मील का पत्थर साबित हुआ. तत्कालीन वित्त मंत्री चिन्तामणि द्वारकानाथ देशमुख ने महसूस किया कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी तभी संभव है, जब सरकारी नीतियां उनकी अपनी भाषा में हों.

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1955 में सीडी देशमुख: वो मंत्री जिन्होंने बदली परंपरा

1955 में पहली बार वित्त मंत्री वित्त मंत्री देशमुख ने बजट दस्तावेजों को हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी करने का आदेश दिया. इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा तर्क यह था कि भारत में हिंदी भाषी लोगों की संख्या सबसे ज्यादा थी. आम जनता तक आर्थिक नीतियों की जानकारी उनकी अपनी भाषा में पहुंचाने की जरूरत थी. इस पहल ने बजट को अधिक व्यापक बनाया और तब से केंद्रीय बजट नियमित रूप से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी किया जाने लगा. हिंदी में बजट प्रकाशित होने से न केवल संसद में चर्चा का स्तर बदला, बल्कि आम जनता, स्थानीय व्यापारियों और छोटे किसानों तक भी सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचने लगी.

कौन थे आजाद भारत के तीसरे वित्तमंत्री सीडी देशमुख?

1975 में पद्म विभूषण से सम्मानित सीडी देशमुख स्वतंत्र भारत के तीसरे केंद्रीय वित्त मंत्री रहे. उनका कार्यकाल 1 जून 1950 से 1 अगस्त 1956 तक रहा. इससे पहले वे एक भारतीय सिविल सेवा (ICS) अधिकारी थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान अपनी दक्षता साबित की थी. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में उन्होंने आर्थिक नीति निर्माण और देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति के रूप में भी सेवा दी. 1943 से 1949 तक वह भारतीय रिजर्व बैंक के पहले भारतीय गवर्नर रहे. सीडी देशमुख की ओर से 1955-56 में पेश किए बजट के पहली बार हिंदी में दस्तावेज जारी हुए तथा उन्होंने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई.

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पहले बजट से अब तक क्या-क्या आए बदलाव

समय के साथ बजट का स्वरूप बदलता गया, जो आज पूरी तरह डिजिटल हो चुका है. बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनेता जेम्स विल्सन ने पेश क‍िया था. आजादी के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. षणमुखम चेट्टी ने पेश क‍िया था 1955 में पहली बार हिंदी में दस्तावेज प्रकाशित हुए. 1999 में बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया गया. 2017 में रेल बजट को आम बजट में मिला दिया गया. 2021 में भारत का पहला ‘पेपरलेस’ बजट पेश हुआ.

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First published on: Jan 24, 2026 01:47 PM

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