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Highest FD Rates: इन 5 बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट अब भी फायदे का सौदा, 8.05% तक मिल रहा ब्याज

आरबीआई द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती के बाद एक तरफ जहां बैंक लोन सस्ता कर रहे हैं। वहीं, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज भी घटा रहे हैं। हालांकि, कुछ बैंक ऐसे हैं जहां अभी भी FD पर हाई रिटर्न मिल रहा है। इस स्टोरी में ऐसे ही टॉप 5 बैंकों के बारे में बताया गया है।

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज को कम कर दिया है। इससे FD अब पहले जितनी आकर्षक नहीं रही है। दूसरे शब्दों में कहें तो बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली कमाई कम हो गई है। हालांकि, कुछ बैंक हैं, जहां FD अब भी फायदे का सौदा बनी हुई है। ऐसा इसलिए कि वहां ब्याज दूसरों के मुकाबले कुछ अधिक है। चलिए ऐसे ही टॉप 5 बैंकों के बारे में जानते हैं।

1 साल की अवधि वाली FD

यदि आप एक वर्ष की अवधि के लिए FD करवा रहे हैं, तो बंधन बैंक सबसे ज्यादा 8.05% की ब्याज दर प्रदान करता है। इस पीरियड के लिए इंडसइंड बैंक और यस बैंक में ब्याज दर 7.75% है। जबकि आरबीएल बैंक 7.5% की दर से ब्याज देता है और कर्नाटक बैंक में ब्याज दर 7.25% है।

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2 साल की अवधि वाली FD

2 साल की अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए RBL बैंक 7.8% की ब्याज दर प्रदान करता है। अगर आप इंडसइंड बैंक में FD करवाते हैं, तो इस पीरियड पर आपको 7.75% की दर से ब्याज मिलेगा। DCB बैंक में ब्याज दर 7.5%, केनरा बैंक में 7.3% और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 7.25% है।

3 साल की अवधि वाली FD

अगर आप तीन साल के लिए FD करवा रहे हैं, तो DCB बैंक और RBL बैंक में आपको 7.5% की दर से ब्याज मिलेगा। जबकि केनरा बैंक में ब्याज दर 7.4%, इंडसइंड बैंक और यस बैंक में 7.25% है।

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5 साल की अवधि वाली FD

5 साल की अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए DCB बैंक 7.4% की दर से ब्याज देता है। धनलक्ष्मी बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक में ब्याज दर 7.25% है। वहीं फेडरल बैंक 7.10% ब्याज दर प्रदान करता है।

कई बैंकों ने घटाईं दरें

रेपो रेट में कटौती के बाद कई बैंकों ने FD पर ब्याज दरें घटाई हैं। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यस बैंक, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इक्विटास, बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि शामिल हैं। दरअसल, बैंक आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक ब्याज देकर उसे इसलिए आकर्षक बनाते हैं, ताकि लोग बैंकों में ज्यादा से ज्यादा पैसा रखें और उससे बैंक अपनी आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चला सकें। जब आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंक उससे कम लागत पर धन उधार ले सकते हैं। ऐसे में बैंकों को धन आकर्षित करने के लिए हाई रिटर्न की पेशकश की खास आवश्यकता नहीं रहती। इस वजह से वह FD पर ब्याज दरें कम कर देते हैं।

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First published on: Apr 16, 2025 10:05 AM

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