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Tata Trust की अहम बैठक टली, अब 16 मई को होगा भविष्य पर फैसला; बोर्ड में फेरबदल और वाइस-चेयरमैन पद पर सस्पेंस बरकरार

टाटा समूह के भविष्य और गवर्नेंस (शासन) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही टाटा ट्रस्ट्स की बैठक को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। होने जा रही अहम बैठक को फ‍िलहाल 16 मई तक टाल द‍िया गया है।

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टाटा समूह की दो सबसे ताकतवर संस्थाओं- सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की आज (8 मई) होने वाली महत्वपूर्ण बैठक अचानक स्थगित कर दी गई है। अब यह बैठक 16 मई को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में टाटा संस के बोर्ड में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों और गवर्नेंस के ढांचे में बड़े बदलावों पर चर्चा होनी थी।

बैठक के समय ही मिला स्थगन का संदेश

रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक आज सुबह 9 बजे शुरू होनी थी। वेणु श्रीनिवासन समेत कई ट्रस्टी ऑनलाइन जुड़ भी चुके थे। तभी एक आईटी एडमिनिस्ट्रेटर ने बैठक स्थगित होने की जानकारी दी। इसके तुरंत बाद टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने आधिकारिक तौर पर सूचना दी कि बैठक अब 16 मई को होगी। हालांकि, इस स्थगन के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है।

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बैठक क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
टाटा संस बोर्ड में फेरबदल:
चर्चा है कि टाटा संस के बोर्ड से वेणु श्रीनिवासन की विदाई हो सकती है। उनकी जगह टाइटन के पूर्व एमडी भास्कर भट को ट्रस्ट के नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में शामिल करने पर विचार चल रहा है।

वाइस-चेयरमैन पद की समीक्षा: टाटा ट्रस्ट्स के भीतर ‘वाइस-चेयरमैन’ के पद को लेकर भी समीक्षा होनी है। संभव है कि गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए इस पद को खत्म कर दिया जाए।

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आर्टिकल 121A पर चर्चा: टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल 121A के कामकाज और शक्तियों को लेकर ट्रस्ट के भीतर मतभेद गहरे हुए हैं, जिस पर चर्चा होनी बाकी है।

चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का भविष्य: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी इस बैठक में मंथन होना था।

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टाटा संस की लिस्टिंग: क्या टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट होना चाहिए या अनलिस्टेड ही रहना चाहिए? इस मुद्दे पर भी ट्रस्ट के सदस्यों के बीच अलग-अलग राय है।

आंतरिक मतभेद आए सामने?
सूत्रों का कहना है कि टाटा ट्रस्ट्स के भीतर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंदरूनी खींचतान चल रही है। इसमें समूह की कुछ कंपनियों के प्रदर्शन और टाटा संस के बोर्ड में प्रतिनिधित्व जैसे विषय शामिल हैं। बैठक की तारीख पहले 12 मई थी, जिसे घटाकर 8 मई किया गया और अब इसे बढ़ाकर 16 मई कर दिया गया है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस देरी का कारण प्रक्रियात्मक (Procedural) भी हो सकता है, ताकि महत्वपूर्ण फैसलों से पहले सभी पक्षों के बीच आम सहमति बन सके। अब सबकी नजरें 16 मई की बैठक पर टिकी हैं, जो टाटा ग्रुप की अगली दिशा तय कर सकती है।

First published on: May 08, 2026 11:26 AM

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