Neeraj
Read More
---विज्ञापन---
शेयर बाजार इस समय बड़ी उछाल के साथ कारोबार कर रहा है। पिछले सत्र में भी मार्केट ने अच्छी-खासी बढ़त हासिल की थी। यहां से देखने पर ऐसा लगता है कि भारतीय बाजार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल से बेअसर है और उसने खुद को टैरिफ के खौफ से बाहर निकाल लिया है। हालांकि, अमेरिकी निवेशक और मोबियस इमर्जिंग अपॉर्च्युनिटीज फंड के चेयरमैन मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने कुछ ऐसा कहा है, जिससे निवेशकों के चेहरे की मुस्कान कुछ कम हो सकती है।
मार्क मोबियस का कहना है कि बाजार बड़ी गिरावट का सामना कर सकता है। ET की रिपोर्ट के अनुसार, मोबियस का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण दुनियाभर के मार्केट में बड़ी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि बाजार में अनिश्चितता देखने को मिल सकती है। डोनाल्ड ट्रंप अभी बातचीत कर रहे हैं और उन्हें टैरिफ पर 90 दिन की समय सीमा खत्म होने से पहले कई व्यापारिक सौदे निपटाने हैं। इस तरह की जल्दबाजी कई तरह की मुश्किलें और रुकावटें लाती है। लिहाजा, तैयार रहें, बाजार और भी अस्थिर हो सकता है।
भारत के बारे में बोलते हुए मोबियस ने कहा कि हर कोई एक ही स्थिति में है और बाजार की गिरावट से कोई भी आमतौर पर बच नहीं सकता। भारत वैश्विक व्यापार युद्ध में और भी ज्यादा उलझ सकता है, क्योंकि यह आगे चलकर एक बड़ा आपूर्तिकर्ता बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बहुत अच्छी स्थिति में है। वह चीन से सप्लाई चेन को अपने हाथ में लेने की पोजीशन में आ गया है, लेकिन भारत को निवेश के लिए अपने सिस्टम को अधिक उदार बनाने पर काम करना होगा।
अमेरिका में मंदी को लेकर मोबियस ने कहा कि ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में मंदी आ सकती है, लेकिन यह बहुत लंबे समय तक नहीं चलेगी। यूएस को एक तिमाही या उससे कम समय तक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि कई एक्सपर्ट्स पहले ही आशंका जाता चुके हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते अमेरिका में मंदी आएगी। हाल ही में फेड रिजर्व के चेयरमैन ने भी चेतवानी दी है कि टैरिफ की वजह से महंगाई और बेरोजगारी बढ़ेगी।
अगर मार्क मोबियस की भविष्यवाणी सहित साबित होती है, तो भारतीय निवेशक बड़ी मुश्किल में फंस जाएंगे। पिछले साल अक्टूबर से भारतीय बाजार ने दबाव का सामना किया है। इस महीने से ही हालात कुछ सुधरने शुरू हुए हैं। बीते कुछ सत्रों से मार्केट में तेजी देखी जा रही है। कई दिग्गज कंपनियां अभी पहले की गिरावट से खुद को बाहर नहीं निकाल पाई हैं। उनके स्टॉक्स अब भी पहले के मुकाबले कमजोर बने हुए हैं। ऐसे में यदि कोई बड़ी गिरावट आती है, तो निवेशकों का पोर्टफोलियो फिर से कमजोर हो जाएगा।
यह भी पढ़ें – Gold Investment: 1 लाख की दहलीज पर सोने में निवेश कितना सही, नुकसान के कितने चांस?
न्यूज 24 पर पढ़ें बिजनेस, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।