आज शेयर बाजार में हल्की सुस्ती देखने को मिली और बाजार लाल निशान में बंद हुआ. सेंसेक्स 70 पॉइंट गिरकर 76,765 पर और निफ्टी 11 पॉइंट गिरकर 23,985 के स्तर पर बंद हुआ. हालांकि, इस सुस्ती के बीच IT (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) सेक्टर के शेयरों ने बढ़िया चमक दिखाई. आइए जानते हैं कि आज बाजार में क्या-क्या हुआ और इसके पीछे की वजहें क्या थीं.
बाजार में आज क्या हुआ?
पिछले सत्र की जोरदार तेजी के बाद आज निवेशकों ने थोड़ा मुनाफा वसूला (Profit-booking). इस वजह से दोनों मुख्य इंडेक्स थोड़े गिरकर बंद हुए. छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला असर रहा. मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.08% की हल्की बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.22% टूट गया.
बाजार गिरने और संभलने की मुख्य वजहें
कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में राहत
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव के बीच राहत की खबर यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुक गए हैं और कूटनीतिक बातचीत जारी है. इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें गिरकर $85 प्रति बैरल पर आ गई हैं. तेल सस्ता होने से भारत जैसे देश में महंगाई का खतरा थोड़ा कम होता है, जिससे बाज़ार को सहारा मिला.
ग्लोबल राजनीति पर नजर
दुनियाभर के निवेशकों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की बैठक पर है. मिडिल ईस्ट और यूक्रेन युद्ध के लिहाज से यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.
सेंट्रल बैंकों के बड़े फैसले (Fed Policy)
इस हफ्ते दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों (जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान) की अहम बैठकें हैं. निवेशक यह देखना चाहते हैं कि ब्याज दरों पर ये बैंक क्या फैसला लेते हैं। यही वजह है कि ट्रेडर्स कोई भी बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं.
आगे क्या ध्यान रखें?
बाजार में इस समय भारी उतार-चढ़ाव का माहौल है. जियोपॉलिटिकल (वैश्विक) तनाव और अमेरिकी फेड के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का असर आने वाले कुछ दिनों तक भारतीय शेयर बाजार पर दिख सकता है. इसलिए फिलहाल बिना सोचे-समझे बड़े निवेश से बचें और सतर्क रहें.