Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते की शुरुआत काफी भारी रही है। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में अफरा-तफरी का माहौल दिखा। सेंसेक्स (Sensex) करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ 72,815 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी (Nifty) भी 100 से ज्यादा अंक टूटकर 22,610 के पास संघर्ष करता नजर आया।
इस ब्लडबाथ के पीछे घरेलू कारणों से ज्यादा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) जिम्मेदार हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर बाजार में इस गिरावट की 3 सबसे बड़ी वजहें क्या हैं:
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क्यों गिर रहा है आज शेयर बाजार
ट्रंप की ईरान को नर्क दिखाने की धमकी
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान है। ट्रंप ने ईरान को डेडलाइन देते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा नहीं खोला, तो उसे नर्क (Hell) का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद से पिछले 5 हफ्तों से यह समुद्री रास्ता लगभग बंद है। ट्रंप की इस आक्रामक भाषा ने निवेशकों को डरा दिया है कि युद्ध अब और भीषण रूप ले सकता है।
कच्चे तेल (Crude Oil) में लगी आग
युद्ध और समुद्री रास्ते बंद होने की खबरों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें उछलकर $110 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मार्जिन के लिए बड़ा खतरा है।
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होर्मुज का बंद होना: ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन है। दुनिया का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद रहने का मतलब है कि पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट और बढ़ती महंगाई। शेयर बाजार इसी सप्लाई शॉक की आशंका से नीचे गिर रहा है।
बाजार का ताजा हाल (सुबह 10:05 बजे):
Sensex: 72,815.87 ( 503.68 अंक नीचे)
Nifty: 22,610.25 ( 102.85 अंक नीचे)
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार में अभी जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि जल्दबाजी में बिकवाली न करें। अगर आपका पोर्टफोलियो अच्छी क्वालिटी के शेयरों का है, तो पैनिक में न आएं। बाजार में गिरावट खरीदारी का मौका भी हो सकती है, लेकिन अभी बॉटम (निचला स्तर) का पता नहीं है, इसलिए थोड़ा इंतजार करें। जानकारों का मानना है कि निवेशकों को बुधवार को आने वाले RBI के रेपो रेट फैसले और ट्रंप के अगले कदम पर नजर रखना चाहिए।
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इस ब्लडबाथ के पीछे घरेलू कारणों से ज्यादा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) जिम्मेदार हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर बाजार में इस गिरावट की 3 सबसे बड़ी वजहें क्या हैं:
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बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान है। ट्रंप ने ईरान को डेडलाइन देते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा नहीं खोला, तो उसे नर्क (Hell) का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद से पिछले 5 हफ्तों से यह समुद्री रास्ता लगभग बंद है। ट्रंप की इस आक्रामक भाषा ने निवेशकों को डरा दिया है कि युद्ध अब और भीषण रूप ले सकता है।
कच्चे तेल (Crude Oil) में लगी आग
युद्ध और समुद्री रास्ते बंद होने की खबरों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें उछलकर $110 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मार्जिन के लिए बड़ा खतरा है।
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Sensex: 72,815.87 ( 503.68 अंक नीचे)
Nifty: 22,610.25 ( 102.85 अंक नीचे)
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
बाजार में अभी जबरदस्त अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि जल्दबाजी में बिकवाली न करें। अगर आपका पोर्टफोलियो अच्छी क्वालिटी के शेयरों का है, तो पैनिक में न आएं। बाजार में गिरावट खरीदारी का मौका भी हो सकती है, लेकिन अभी बॉटम (निचला स्तर) का पता नहीं है, इसलिए थोड़ा इंतजार करें। जानकारों का मानना है कि निवेशकों को बुधवार को आने वाले RBI के रेपो रेट फैसले और ट्रंप के अगले कदम पर नजर रखना चाहिए।