Air India, IndiGo Flight Alert: 1 जून से 3 महीने के लिए घटेंगी घरेलू उड़ानें; एयर इंडिया 15% और इंडिगो 7% तक कम करेगी फ्लाइट्स, महंगा हो सकता है सफर

हवाई यात्रियों के लिए अलर्ट! ईरान युद्ध के कारण महंगे हुए ईंधन के चलते एयर इंडिया और इंडिगो 1 जून से 3 महीने के लिए अपनी घरेलू उड़ानें 15% तक कम कर रही हैं।

air india (1)

एयर इंड‍िया के साथ IndiGo भी घरेलू उड़ाने कम कर रही है

अगर आप आने वाले जून, जुलाई या अगस्त के महीने में देश के भीतर हवाई यात्रा (Domestic Travel) करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब और सफर दोनों को प्रभावित कर सकती है। भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस – एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo), आगामी 1 जून 2026 से अगले तीन महीनों के लिए अपनी घरेलू उड़ानों की संख्या में बड़ी कटौती करने जा रही हैं।

विज्ञापन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां टाटा समूह की एयर इंडिया अपनी घरेलू क्षमता में 15% तक की कटौती की योजना बना रही है, वहीं मार्केट लीडर इंडिगो भी अपनी उड़ानों में 5% से 7% तक की कमी कर सकती है। आइए जानते हैं कि एयरलाइंस अचानक यह कदम क्यों उठा रही हैं और इसका यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा।

विज्ञापन

उड़ानों में कटौती के पीछे ये 3 बड़ी वजहें:

एयरलाइंस कंपनियों द्वारा उड़ानों की संख्या घटाने के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बाजार की मांग जिम्मेदार हैं:

ईरान युद्ध और महंगा हवाई ईंधन (ATF): 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इस युद्ध के चलते एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF यानी हवाई जहाज के ईंधन) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे कंपनियों का परिचालन खर्च काफी बढ़ गया है।

विज्ञापन

लंबा रूट और हवाई क्षेत्र की पाबंदी: ईरानी हवाई क्षेत्र (Airspace) से बचने के लिए भारतीय एयरलाइंस को अब लंबे और वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय रूटों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। साथ ही पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल पर लगी पाबंदियों ने भी विमानन कंपनियों की मुश्किलें और परिचालन लागत बढ़ा दी है।

सफर की मांग में मौसमी कमी: मई महीने में स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद जून से घरेलू हवाई सफर की मांग में वैसे भी एक मौसमी गिरावट (Seasonal Slowdown) देखने को मिलती है।

विज्ञापन

90% बाजार पर कब्जा, टिकटें हो सकती हैं महंगी
एविएशन एनालिटिक्स फर्म ‘सिरियम’ (Cirium) के आंकड़ों के मुताबिक, उड़ानों में कमी का यह सिलसिला मार्च और अप्रैल से ही शुरू हो गया था, जब देश की शीर्ष चार एयरलाइंस के ऑपरेशन में 6% की गिरावट देखी गई थी। इस दौरान एयर इंडिया ने अपनी उड़ानें 7.5% और इसकी बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) ने रिकॉर्ड 17.1% कम की थीं।

यात्रियों पर क्या होगा असर?
भारतीय घरेलू विमानन बाजार के लगभग 90% हिस्से पर अकेले इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप का ही कब्जा है। ऐसे में जब ये दोनों बड़े ग्रुप अपनी उड़ानें कम करेंगे, तो सीटों की संख्या घटने और ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के दाम (Airfares) बढ़ सकते हैं। हालांकि, इस कड़े मुकाबले के बीच आकासा एयर (Akasa Air) जैसी छोटी एयरलाइंस इस मौके का फायदा उठाने के लिए आक्रामक रूप से अपने विस्तार में जुटी हैं।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ