RBI MPC Meeting: आज 6 अप्रैल 2026 है और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अगले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। आज से रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक शुरू हो गई है। बुधवार सुबह गवर्नर शक्तिकांत दास प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताएंगे कि आने वाले दिनों में आपकी लोन की EMI बढ़ेगी, घटेगी या स्थिर रहेगी। लेकिन, बाजार के गलियारों में जो सुगबुगाहट है, वह राहत कम और सावधानी ज्यादा दिखा रही है। आइए समझते हैं इस बार की बैठक में किन 4 बड़े मुद्दों पर RBI की नजर है:
$100 के पार क्रूड: महंगाई का नया विलेन
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लगा दी है। कच्चा तेल अब $100 प्रति बैरल के पार निकल चुका है। जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल में हर $10 की बढ़ोतरी, भारत में महंगाई को 0.60% (60 बेसिस पॉइंट) तक बढ़ा देती है। यही वजह है कि RBI फिलहाल ब्याज दरों में कटौती का रिस्क नहीं लेना चाहेगा।
रुपया @93: डॉलर की मजबूती ने बढ़ाई टेंशन
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 93 के पार पहुंच कर रिकॉर्ड निचले स्तरों पर मंडरा रहा है। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशों से आने वाला सामान (जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स) महंगा हो जाता है। इसे इंपोर्टेड इन्फ्लेशन कहते हैं, जो RBI के लिए इस वक्त सबसे सिरदर्द बना हुआ है।
सुपर अल नीनो का साया
महंगाई सिर्फ ग्लोबल ही नहीं, लोकल भी है। मौसम विभाग और अर्थशास्त्रियों ने इस साल सुपर अल नीनो की चेतावनी दी है। अगर मानसून बिगड़ता है, तो खाने-पीने की चीजों (अनाज, सब्जी) के दाम बढ़ सकते हैं। RBI इस खतरे को भांपते हुए अपनी नीति को न्यूट्रल रखना चाहता है।
रेपो रेट: क्या 5.25% पर लगेगा पॉज बटन?
फरवरी 2025 से अब तक RBI रेपो रेट में 1.25% की कटौती कर चुका है, लेकिन पिछली तीन बैठकों (अगस्त, अक्टूबर और फरवरी 2026) से रेट्स स्थिर हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार भी रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा। यानी आपकी EMI फिलहाल बढ़ने या घटने वाली नहीं है।
इस बैठक में क्या होगा सबसे खास?
बाजार की नजर सिर्फ रेट्स पर नहीं, बल्कि RBI की कमेंट्री पर भी होगी। यानी GDP और Inflation पर आरबीआई का अनुमान क्या रहता है, क्या युद्ध के चलते RBI महंगाई के अनुमान को ऊपर बढ़ाएगा? इस पर सभी की नजर है। दूसरी ओर बैंकों के पास पैसे की स्थिति क्या रहेगी और इस बार क्या आरबीआई गर्वनर की टोन सख्त (Hawkish) होगी या नरम (Dovish)?
आम आदमी के लिए इसका मतलब?
अगर आप नया घर या कार खरीदने के लिए होम लोन या ऑटो लोन लेने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल ब्याज दरों में बड़ी कटौती की उम्मीद न करें। युद्ध और कच्चे तेल की अनिश्चितता ने RBI के हाथ बांध दिए हैं।










