भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को सख्त कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. 24 अप्रैल 2026 से यह आदेश प्रभावी हो गया है. इतना ही नहीं, RBI अब इस बैंक को पूरी तरह बंद करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहा है.
आखिर क्यों गिरी गाज?
RBI ने अपने नोटिफिकेशन में लाइसेंस रद्द करने के पीछे कई गंभीर कारण गिनाए हैं. केंद्रीय बैंक ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज ऐसे तरीके से चल रहा था जो जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक था. साथ ही RBI ने बैंक के मैनेजमेंट के चरित्र और कार्यशैली को भी संदेह के घेरे में रखा है. इसके अलावा आरबीआई का कहना है कि बैंक उन शर्तों को पूरा करने में बार-बार नाकाम रहा, जो एक पेमेंट्स बैंक लाइसेंस के लिए अनिवार्य होती हैं.
यह भी पढ़ें : UPI पर ऐसे छुपाएं अपना मोबाइल नंबर, मिनटों में करें ये सेटिंग
2022 में पहली बार एक्शन
पेटीएम पर यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है. 11 मार्च 2022 को RBI ने नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई थी. इसके बाद 2024 की शुरुआत में डिपॉजिट, क्रेडिट और वॉलेट टॉप-अप पर पाबंदी लगा दी थी. अब लाइसेंस रद्द करके RBI ने बैंक को ही बंद कर दिया.
क्या डूब जाएगा ग्राहकों का पैसा?
RBI ने स्पष्ट किया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास अपने जमाकर्ताओं की पूरी रकम चुकाने के लिए पर्याप्त नकदी मौजूद है. इस प्रक्रिया के दौरान, नियमों के तहत ग्राहकों को उनके पैसे वापस किए जाएंगे.
यह भी पढ़ें : UPI Transfer Charges: क्या अब हर 1000 रुपये के ट्रांसफर पर कटेगा पैसा? जानें क्या है RBI और NPCI का असली नियम
पेटीएम पर क्या होगा असर?
यह विजय शेखर शर्मा की कंपनी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है. पेटीएम वॉलेट और मर्चेंट पेमेंट्स का एक बड़ा हिस्सा इसी बैंक के जरिए संचालित होता था. हालांकि, पेटीएम अब दूसरे बैंकों के साथ साझेदारी कर अपनी सेवाएं जारी रखने की कोशिश कर रही है.










