डिजिटल इंडिया के दौर में UPI (Unified Payments Interface) हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, हम हर जगह स्कैन करके पेमेंट करते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अब हर 1000 रुपये के UPI ट्रांसफर पर चार्ज लगेगा.
क्या वाकई आपकी जेब पर डाका डलने वाला है? या यह सिर्फ एक अफवाह है? आइए जानते हैं क्या है हकीकत…
क्या 1000 रुपये के ट्रांसफर पर चार्ज लगेगा?
इसका सीधा और साफ जवाब है— जी नहीं! सामान्य ग्राहकों (P2P – Person to Person) के लिए एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजना अभी भी बिल्कुल फ्री है. NPCI (National Payments Corporation of India) ने स्पष्ट किया है कि अगर आप अपने बैंक अकाउंट से किसी दोस्त या रिश्तेदार के बैंक अकाउंट में पैसे भेजते हैं, तो चाहे राशि 1000 रुपये हो या 10000 रुपये, आपसे कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा.
आप गूगल पे (Google Pay), फोन पे (PhonePe) या पेटीएम (Paytm) से जो भी नॉर्मल पेमेंट करते हैं, वह पूरी तरह मुफ्त है.
फिर चार्ज की बात कहां से आई?
भ्रम तब शुरू हुआ जब NPCI ने PPI (Prepaid Payment Instruments) यानी वॉलेट ट्रांजैक्शन पर इंटरचेंज फीस की शुरुआत की. इसे आसान भाषा में समझें:
वॉलेट ट्रांजैक्शन: अगर आप अपने Paytm Wallet, Amazon Pay Wallet या PhonePe Wallet में पैसे रखकर किसी ‘मर्चेंट’ (दुकानदार) को 2000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो उस पर मर्चेंट को चार्ज देना पड़ सकता है. इसमें भी ग्राहक (Customer) को कुछ भी एक्स्ट्रा नहीं देना होता. यह चार्ज दुकानदार और बैंक के बीच का मामला है.
UPI से जुड़ी ये 3 बातें आपको पता होनी चाहिए
डेली लिमिट: अधिकतर बैंक एक दिन में 1 लाख रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन की अनुमति देते हैं. कुछ बैंकों ने छोटे पेमेंट्स के लिए 2000 रुपये की लिमिट तय की है ताकि फ्रॉड से बचा जा सके.
UPI Lite: यदि आप 500 रुपये से कम के छोटे पेमेंट बार-बार करते हैं, तो UPI Lite का इस्तेमाल करें. इसमें बिना पिन (PIN) डाले पेमेंट हो जाता है और आपके बैंक स्टेटमेंट में भीड़ नहीं लगती.
स्कैम से बचें: ध्यान रखें, पैसे प्राप्त (Receive) करने के लिए कभी भी अपना UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती. अगर कोई आपसे पैसे भेजने के नाम पर पिन मांग रहा है, तो वह फ्रॉड है.
सोशल मीडिया पर हर 1000 रुपये पर चार्ज वाली खबरें महज एक क्लिकबेट या अफवाह हैं. भारत सरकार और NPCI डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना चाहते हैं, इसलिए आम जनता के लिए इसे फिलहाल चार्जेबल बनाने का कोई इरादा नहीं है. आप बेफिक्र होकर UPI का इस्तेमाल जारी रखें!