Public Provident Fund Interest Rate : आम लोगों के लिए जरूरी खबर है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा, धनतेरस, दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों से पहले सरकार 29 या 30 सितंबर को छोटे सेविंग पर ब्याज दरों में तिमाही समीक्षा करने जा रही है। ऐसे में उम्मीद का जा रही है कि त्योहारी सीजन में वित्त मंत्रालय छोटे निवशकों को बड़ा तोहफा दे सकती है।
आम लोगों को उम्मीद है कि इस समीक्षा बैठक के बाद सरकार 30 सितंबर को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर लागू इंटरेस्ट रेट्स को लेकर हर तिमाही समीक्षा करती है। आपको बता दें कि अप्रैल 2020 से लेकर अब तक पीपीएफ के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से निवेशकों को सालाना का ब्याज मिल रहा है।
इससे पहले 30 जून की समीक्षा बैठक में वित्त मंत्रालय ने कई योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किया था। सरकार ने टाइम डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में बदलाव करते हुए एक साल के लिए 6.8 से बढ़ाकर 6.9 फीसदी, दो साल के लिए 6.9 से बढ़ाकर 7 प्रतिशत, जबकि 5 साल के लिए ब्याज दर को 6.2 से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था।
इसके साथ ही सरकार ने जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 30 बेसिक प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी। जून में सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दर में भी इजाफा किया गया था।
एक ओर जहां लंबे समय से निवेशक पीपीएफ पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं जानकारों का कहना है कि सरकार इसपर अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए भी इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 7.10 फीसदी के स्तर पर बरकरार रख सकती है।
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Public Provident Fund Interest Rate : आम लोगों के लिए जरूरी खबर है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा, धनतेरस, दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों से पहले सरकार 29 या 30 सितंबर को छोटे सेविंग पर ब्याज दरों में तिमाही समीक्षा करने जा रही है। ऐसे में उम्मीद का जा रही है कि त्योहारी सीजन में वित्त मंत्रालय छोटे निवशकों को बड़ा तोहफा दे सकती है।
आम लोगों को उम्मीद है कि इस समीक्षा बैठक के बाद सरकार 30 सितंबर को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर लागू इंटरेस्ट रेट्स को लेकर हर तिमाही समीक्षा करती है। आपको बता दें कि अप्रैल 2020 से लेकर अब तक पीपीएफ के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से निवेशकों को सालाना का ब्याज मिल रहा है।
इससे पहले 30 जून की समीक्षा बैठक में वित्त मंत्रालय ने कई योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किया था। सरकार ने टाइम डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में बदलाव करते हुए एक साल के लिए 6.8 से बढ़ाकर 6.9 फीसदी, दो साल के लिए 6.9 से बढ़ाकर 7 प्रतिशत, जबकि 5 साल के लिए ब्याज दर को 6.2 से बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था।
इसके साथ ही सरकार ने जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 30 बेसिक प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी। जून में सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दर में भी इजाफा किया गया था।
एक ओर जहां लंबे समय से निवेशक पीपीएफ पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं जानकारों का कहना है कि सरकार इसपर अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए भी इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 7.10 फीसदी के स्तर पर बरकरार रख सकती है।
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