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Namo Bharat Corridor: इन 21 मेट्रो स्टेशनों के बदलेंगे नाम, जारी हुआ नमो भारत का नया मॉडल

नमो भारत कॉरिडोर (RRTS) अब न सिर्फ अपनी रफ्तार, बल्कि अपनी नई पहचान के लिए भी चर्चा में है। दिल्ली से मेरठ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब स्टेशनों के नाम कुछ बदले-बदले नजर आएंगे।

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Written By: Vandana Bharti Updated: May 9, 2026 11:14

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रेन नमो भारत अब एक नए अवतार में नजर आने वाली है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने कमाई बढ़ाने और स्टेशनों को ब्रैंडिंग हब बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

क्या है नया प्लान? (Semi-Naming Rights)

NCRTC ने कॉरिडोर के 21 स्टेशनों के लिए को-ब्रैंडिंग और सेमी-नेमिंग राइट्स के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया है। इसका मतलब यह है कि अब स्टेशन के मूल नाम के आगे या पीछे किसी बड़ी कंपनी या ब्रैंड का नाम जोड़ा जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई कंपनी साहिबाबाद स्टेशन के अधिकार खरीदती है, तो इसका नाम ब्रांड नेम साहिबाबाद या साहिबाबाद ब्रांड नेम हो सकता है।

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इन 21 स्टेशनों की लगेगी बोली
जिन स्टेशनों के नाम बदलने या को-ब्रैंडिंग की तैयारी है, उनमें शामिल हैं:
सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, दुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम।

यात्रियों को कैसे पता चलेगा?
यह सिर्फ बोर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। ब्रैंड्स के प्रचार के लिए NCRTC ने तगड़ी प्लानिंग की है। ट्रेन के अंदर होने वाले स्टेशनों के अनाउंसमेंट में अब ब्रैंड का नाम भी सुनाई देगा। स्टेशनों के मैप, प्लेटफॉर्म, एंट्री-एग्जिट गेट और खंभों (Pillars) पर कंपनियों के लोगो चमकेंगे। स्टेशनों के भीतर कंपनियों को अपने स्टॉल (Kiosks) लगाने के लिए खास जगह दी जाएगी।

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ब्रांड्स की क्यों है इसमें दिलचस्पी?
NCRTC के मुताबिक, ये सभी स्टेशन घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और शिक्षण संस्थानों के पास हैं। 21 अक्टूबर 2023 को पहले फेज की शुरुआत के बाद से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा यात्री नमो भारत में सफर कर चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचने के लिए कंपनियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है।

रफ्तार के साथ आधुनिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को पूरे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो सेवा का उद्घाटन किया था। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन न केवल समय बचा रही है, बल्कि अब मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के जरिए मेट्रो, रेलवे और बस अड्डों से भी जुड़ चुकी है।

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First published on: May 09, 2026 10:30 AM

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