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Starlink की भारत एंट्री पर आया ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान, कह दी ये बड़ी बात

Elon Musk Starlink: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला और स्टारलिंक भारतीय बाजार में उतर रही हैं। स्टारलिंक भारत के सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेक्टर में पैर जमाना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने हाल ही में दो भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी का ऐलान किया था।

Jyotiraditya Scindia on Starlink: दुनिया के रईस नंबर 1 एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) भारत आ रही है। इसके लिए स्टारलिंक ने जियो और एयरटेल के साथ साझेदारी की है। इस बीच, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि एलन मस्क की कंपनी को किसी तरह की अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। स्टारलिंक को लाइसेंस हासिल करने के लिए सभी नियमों का पालन करना होगा।

सभी के लिए खुला बाजार

दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में कहा कि भारत का सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाजार सभी कंपनियों के लिए खुला है, जो यहां आना चाहता है उसका स्वागत है। सरकार इसे लेकर किसी भी कंपनी का पक्ष नहीं लेगी। सभी को निर्धारित मानदंडों को पूरा करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत के सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाजार का हिस्सा बनने वाली हर कंपनी को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए नियमों का पालन करना होगा और फिर स्पेक्ट्रम हासिल करके वह कारोबार शुरू कर सकती है।

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लंबित आवेदन पर कही ये बात

स्टारलिंक के 2021 से लंबित आवेदन पर सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह कंपनी और आवेदन प्रक्रिया के बीच का मामला है। कंपनी को सभी निर्धारित मानदंड पूरे करने होंगे और जैसे ही वह ऐसा कर लेती है उसे लाइसेंस मिल जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार कंपनी नहीं बल्कि ग्राहकों को ध्यान में रखकर फैसला लेती है, हमारा उद्देश्य उन्हें एक और विकल्प देना है। सिंधिया ने कहा कि भारत में सैटेलाइट आधारित कम्युनिकेशंस बढ़ रहा है। आपदा के समय और दूर-दराज इलाकों को जोड़ने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

जल्द मिल सकता है लाइसेंस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दो लाइसेंस मिले हैं जिसे पहले ही OneWeb और Jio-SES को दिया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का बाजार सबके लिए खुला है। जो भी भारत आकर काम करना चाहता है, उसका स्वागत है लेकिन शर्त यह है कि पहले वे लाइसेंस और फिर स्पेक्ट्रम हासिल करें। रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक ने ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्यूनिकेशंस बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी भारत में नेटवर्क कंट्रोल सेंटर और ग्राउंड स्टेशन सेटअप करने के लिए भी तैयार है। लिहाजा, माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग जल्द ही स्टारलिंक के आवेदन पर फैसला ले सकता है।

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First published on: Mar 18, 2025 04:05 PM

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