Nathan Anderson: अपने खुलासों से दुनिया भर को हिलाने वाले नाथन एंडरसन एक लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं। उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का फैसला लिया है। अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत 2017 में हुई थी। एंडरसन का कहना है कि उन्होंने कंपनी बंद करने का फैसला काफी सोच-समझकर लिया है।
अब खुलासों का इरादा नहीं
हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने की घोषणा के साथ ही नाथन एंडरसन ने अपने फ्यूचर प्लान का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया है कि वह अब अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे और अपने शौक पूरे करेंगे। एंडरसन ने अब तक जो कुछ बताया है कि उससे यह स्पष्ट है कि निकट भविष्य में उनका इरादा खुलासों से दुनिया को हिलाने का बिल्कुल नहीं है।
पर्याप्त पैसा कमा लिया
वॉल स्ट्रीट जर्नल के साथ एक इंटरव्यू में नाथन एंडरसन ने अपने भविष्य के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह फैमिली के साथ समय बिताएंगे और यात्रा करेंगे। एंडरसन ने कहा कि उन्हें ट्रेवलिंग का काफी शौक है, अब वह अपने इस शौक को अच्छे से पूरा कर पाएंगे। हिंडनबर्ग रिसर्च के फाउंडर ने कहा कि मैंने पर्याप्त पैसा कमा लिया है और अब मैं आराम से रिटायर हो सकता हूं।
कहां इन्वेस्टमेंट करेंगे?
अपने इन्वेस्टमेंट के बारे में बात करते हुए एंडरसन ने बताया कि वह इंडेक्स फंड और कम तनाव वाले इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में निवेश की प्लानिंग कर रहे हैं। नाथन एंडरसन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी टीम के सदस्यों की मदद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल मेरा फोकस इस बात पर है कि मेरी टीम के सभी लोग उस जगह पर पहुंचें, जहां वे पहुंचना चाहते हैं। कुछ लोग अपनी रिसर्च फर्म शुरू कर सकते हैं, जबकि अन्य दूसरी राह तलाश रहे हैं।
इस वजह से उठे सवाल
नाथन एंडरसन ने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने का ऐलान ऐसे समय पर किया है जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप राज शुरू होने वाला है। इसलिए उनके फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। हालांकि, एंडरसन का कहना है कि उन्होंने किसी दबाव में यह निर्णय नहीं लिया। उन्होंने कहा, कोई खास बात नहीं है, कोई खास खतरा नहीं, कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है और न ही कोई बड़ा व्यक्तिगत मुद्दा है।
ऐसा रहा है करियर
एंडरसन के पास अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट (University of Connecticut) से इंटरनेशनल बिजनेस में डिग्री है। डिग्री लेने के बाद वह डेटा कंपनी FactSet Research Systems से जुड़े। इस कंपनी में उनका कामकाज इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों पर केंद्रित था। बताया यह भी जाता है कि नाथन एंडरसन इजरायल में एंबुलेंस ड्राइवर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 2017 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की शुरुआत की और एक के बाद एक खुलासे करते गए।