देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने अलग-अलग लोन टेन्योर (अवधि) के लिए सीमांत लागत आधारित उधारी दर यानी एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बैंक के इस कदम के बाद आने वाले दिनों में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे टर्म लोन की ईएमआई (EMI) बढ़ना तय माना जा रहा है।
नई दरें आज से लागू
एचडीएफसी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, संशोधित दरें आज यानी 7 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। बैंक ने चुनिंदा अवधियों के एमसीएलआर में 5 से 10 बेसिस पॉइंट्स (bps) तक का इजाफा किया है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका लोन सीधे तौर पर MCLR से लिंक्ड (जुड़ा) है।
जानिए अब क्या हैं नई दरें?
बढ़ोतरी के बाद एचडीएफसी बैंक की विभिन्न अवधियों की संशोधित दरें इस प्रकार हैं:
ओवरनाइट (Overnight) MCLR: 5 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद अब यह 9.00% से बढ़कर 9.05% हो गया है।
एक महीने का MCLR: यह दर अब 9.10% पर पहुंच गई है।
तीन महीने का MCLR: इसे संशोधित कर अब 9.25% कर दिया गया है।
छह महीने का MCLR: लंबी अवधि के इस बेंचमार्क को बढ़ाकर अब 9.40% कर दिया गया है।
एक साल का MCLR: सबसे महत्वपूर्ण बेंचमार्क, जिससे ज्यादातर होम और ऑटो लोन जुड़े होते हैं, वह अब 9.45% के स्तर पर पहुंच गया है।
दो और तीन साल का MCLR: यह दरें भी बढ़कर क्रमशः 9.50% और 9.55% हो गई हैं।
आपकी जेब पर क्या होगा असर?
लोन लेने वाले ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि MCLR बढ़ने का असर उनकी EMI पर तुरंत नहीं पड़ता। जब आपके लोन की 'रीसेट डेट' (Reset Date) आएगी, तब नई ब्याज दरें लागू होंगी। उदाहरण के लिए, यदि आपके होम लोन की रीसेट अवधि एक वर्ष है, तो एक साल का टेन्योर पूरा होने पर आपकी EMI नई दरों (9.45%) के हिसाब से बढ़ जाएगी।
क्या होता है MCLR?
सीमांत लागत आधारित उधारी दर (MCLR) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे कोई भी बैंक किसी भी ग्राहक को लोन नहीं दे सकता है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय नियमों के आधार पर बैंक अपनी फंड लागत को ध्यान में रखकर हर महीने तय करते हैं। इसमें बढ़ोतरी होने का सीधा मतलब ग्राहकों के लिए कर्ज का महंगा होना होता है।
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने अलग-अलग लोन टेन्योर (अवधि) के लिए सीमांत लागत आधारित उधारी दर यानी एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बैंक के इस कदम के बाद आने वाले दिनों में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे टर्म लोन की ईएमआई (EMI) बढ़ना तय माना जा रहा है।
नई दरें आज से लागू
एचडीएफसी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, संशोधित दरें आज यानी 7 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। बैंक ने चुनिंदा अवधियों के एमसीएलआर में 5 से 10 बेसिस पॉइंट्स (bps) तक का इजाफा किया है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका लोन सीधे तौर पर MCLR से लिंक्ड (जुड़ा) है।
जानिए अब क्या हैं नई दरें?
बढ़ोतरी के बाद एचडीएफसी बैंक की विभिन्न अवधियों की संशोधित दरें इस प्रकार हैं:
ओवरनाइट (Overnight) MCLR: 5 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के बाद अब यह 9.00% से बढ़कर 9.05% हो गया है।
एक महीने का MCLR: यह दर अब 9.10% पर पहुंच गई है।
तीन महीने का MCLR: इसे संशोधित कर अब 9.25% कर दिया गया है।
छह महीने का MCLR: लंबी अवधि के इस बेंचमार्क को बढ़ाकर अब 9.40% कर दिया गया है।
एक साल का MCLR: सबसे महत्वपूर्ण बेंचमार्क, जिससे ज्यादातर होम और ऑटो लोन जुड़े होते हैं, वह अब 9.45% के स्तर पर पहुंच गया है।
दो और तीन साल का MCLR: यह दरें भी बढ़कर क्रमशः 9.50% और 9.55% हो गई हैं।
आपकी जेब पर क्या होगा असर?
लोन लेने वाले ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि MCLR बढ़ने का असर उनकी EMI पर तुरंत नहीं पड़ता। जब आपके लोन की ‘रीसेट डेट’ (Reset Date) आएगी, तब नई ब्याज दरें लागू होंगी। उदाहरण के लिए, यदि आपके होम लोन की रीसेट अवधि एक वर्ष है, तो एक साल का टेन्योर पूरा होने पर आपकी EMI नई दरों (9.45%) के हिसाब से बढ़ जाएगी।
क्या होता है MCLR?
सीमांत लागत आधारित उधारी दर (MCLR) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे कोई भी बैंक किसी भी ग्राहक को लोन नहीं दे सकता है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय नियमों के आधार पर बैंक अपनी फंड लागत को ध्यान में रखकर हर महीने तय करते हैं। इसमें बढ़ोतरी होने का सीधा मतलब ग्राहकों के लिए कर्ज का महंगा होना होता है।