आजकल सोशल मीडिया पर जेन जी (Gen Z) के नए ट्रेंड्स, बोलचाल के शब्द और उनकी लाइफस्टाइल हमेशा चर्चा में रहती है. अक्सर लोगों को लगता है कि आज की युवा पीढ़ी अपने पैसे सिर्फ घूमने-फिरने, ब्रांडेड कपड़ों या महंगे शौक पर उड़ाती है.
लेकिन क्या यह सच है? वित्तीय प्लेटफॉर्म Salaryse की एक नई रिपोर्ट ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है. देश के 52 लाख से अधिक जेन जी युवाओं के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन के विश्लेषण से जो सच सामने आया है, वह आपको हैरान कर देगा.
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कमाई का 70% हिस्सा जरूरी कामों पर खर्च
सैलरीसे की रिपोर्ट के मुताबिक, युवा कर्मचारी अपनी सैलरी का सबसे बड़ा हिस्सा यानी लगभग 70% पैसा जरूरी सामानों और घर की जिम्मेदारियों पर खर्च करते हैं. इसमें घर का किराया (Rent), बिजली-फोन के बिल, राशन और खाने-पीने का सामान शामिल है.
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यानी यह धारणा गलत साबित होती है कि जेन जी सिर्फ बेवजह के शौक पर पैसे लुटाती है.
कहां कितना खर्च करते हैं जेन जी?
रिपोर्ट में युवाओं के मासिक खर्चों का पूरा ब्रेकअप (Breakdown) इस तरह है:
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घर का राशन : अपनी सैलरी का 15.7% हिस्सा घर के जरूरी सामान और राशन पर खर्च होता है.
बिल और सब्सक्रिप्शन: करीब 20.1% पैसा बिजली, फोन बिल और OTT ऐप्स (जैसे JioHotstar, Netflix, Spotify) के सब्सक्रिप्शन पर जाता है.
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वित्तीय सेवाएं : लगभग 12.2% हिस्सा इंश्योरेंस, सेविंग्स और इनवेस्टमेंट में जाता है.
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शॉपिंग : कपड़ों और अन्य खरीदारी पर 11.9% खर्च होता है.
खाना-पीना : बाहर खाने या ऑर्डर करने पर 11.5% खर्च होता है.
ट्रैवल और यात्रा : आने-जाने और घूमने पर सिर्फ 5% के आसपास मासिक खर्च होता है.
डिजिटल लाइफ और जिम्मेदारियों का संतुलन
सैलरीसे के सह-संस्थापक पीयूष बगड़िया के अनुसार, जेन जी ऐसी पहली पीढ़ी है जो अपनी वित्तीय जिंदगी के हर पहलू को पूरी तरह से डिजिटली मैनेज कर रही है. आज के दौर में भले ही मोबाइल रिचार्ज, ओटीटी और ऐप सब्सक्रिप्शन महंगे हो गए हैं, फिर भी यह जेनरेशन अपनी आजादी के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही है. इसके अलावा, युवा अपनी बचत (Savings) और निवेश (Investment) को लेकर भी काफी जागरूक और सक्रिय हैं.
Salaryse की इस रिपोर्ट से साफ है कि जेन जी को जितना बेपरवाह समझा जाता है, वे असल में उतने ही समझदार और जिम्मेदार हैं. वे अपनी जरूरतों, जिम्मेदारियों और बचत के बीच एक बेहतरीन बैलेंस बनाकर चल रहे हैं.