Delhi Electricity Rate Hike: दिल्ली में बिजली हुई महंगी, इसी महीने से बढ़कर आएगा आपका बिल; जानें BSES और टाटा पावर के नए रेट्स
Delhi Electricity Bill Hike 2026: दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। DERC ने बिजली कंपनियों को 8% तक अतिरिक्त सरचार्ज (FPPAS) वसूलने की मंजूरी दी है। जानें BSES और टाटा पावर के ग्राहकों पर कितना असर पड़ेगा।
नई दिल्ली: गर्मियों के इस मौसम में दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में बिजली एक बार फिर महंगी हो गई है, जिससे अब आपका मंथली बजट बिगड़ सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को ग्राहकों से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त सरचार्ज इसी महीने से वसूलने की हरी झंडी दे दी है।
इस फैसले के बाद अब दिल्ली वालों को पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। आइए बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि बिल क्यों बढ़ रहा है और किस कंपनी के ग्राहकों की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा।
बिजली बिल बढ़ने की मुख्य वजह है FPPAS (फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज)। आसान भाषा में FPPAS का मतलब समझें तो यह वो एक्स्ट्रा चार्ज है जो बिजली कंपनियां तब वसूलती हैं जब इंटरनेशनल मार्केट में ईंधन (कोयला, गैस) महंगा हो जाता है या कंपनियों को बिजली खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
DERC के मुताबिक, मई 2026 के दौरान बिजली खरीदने की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई थी। इसी अतिरिक्त खर्च की भरपाई करने के लिए बिजली कंपनियों ने सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति मांगी थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक महीने-दर-महीने लागू रहेगी।
किस कंपनी के ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर? आयोग ने दिल्ली की तीनों प्रमुख बिजली कंपनियों को अलग-अलग दरों से अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की इजाजत दी है। आप नीचे दी गई टेबल से समझ सकते हैं कि आपके बिल पर कितना लोड बढ़ेगा:
किसको ज्यादा झटका, किसे कम राहत? BSES के ग्राहक (साउथ, वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली): अगर आपके घर में BSES (BRPL या BYPL) की बिजली आती है, तो आपकी जेब पर सबसे ज्यादा मार पड़ने वाली है क्योंकि यहां करीब 7.5% से 8% तक अतिरिक्त चार्ज बढ़ा है।
टाटा पावर के ग्राहक (नॉर्थ दिल्ली): टाटा पावर (TPDDL) के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को थोड़ा कम झटका लगेगा, क्योंकि यहाँ अतिरिक्त सरचार्ज की दर सिर्फ 2.21% ही बढ़ाई गई है।
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम? DERC ने साफ किया है कि यह व्यवस्था अभी अस्थायी (Temporary) है। बिजली कंपनियों की खरीद लागत के आधार पर हर महीने इसकी जांच-पड़ताल की जाएगी। अगर आने वाले समय में कंपनियों को बिजली सस्ती मिलती है, तो यह चार्ज कम भी हो सकता है, लेकिन अगर बिजली खरीद महंगी बनी रही, तो बढ़ा हुआ बिल आगे भी आपको परेशान करता रहेगा।
नई दिल्ली: गर्मियों के इस मौसम में दिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में बिजली एक बार फिर महंगी हो गई है, जिससे अब आपका मंथली बजट बिगड़ सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने राजधानी की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को ग्राहकों से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त सरचार्ज इसी महीने से वसूलने की हरी झंडी दे दी है।
इस फैसले के बाद अब दिल्ली वालों को पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। आइए बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि बिल क्यों बढ़ रहा है और किस कंपनी के ग्राहकों की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा।
बिजली बिल बढ़ने की मुख्य वजह है FPPAS (फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज)। आसान भाषा में FPPAS का मतलब समझें तो यह वो एक्स्ट्रा चार्ज है जो बिजली कंपनियां तब वसूलती हैं जब इंटरनेशनल मार्केट में ईंधन (कोयला, गैस) महंगा हो जाता है या कंपनियों को बिजली खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
---विज्ञापन---
DERC के मुताबिक, मई 2026 के दौरान बिजली खरीदने की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई थी। इसी अतिरिक्त खर्च की भरपाई करने के लिए बिजली कंपनियों ने सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति मांगी थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक महीने-दर-महीने लागू रहेगी।
किस कंपनी के ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर? आयोग ने दिल्ली की तीनों प्रमुख बिजली कंपनियों को अलग-अलग दरों से अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की इजाजत दी है। आप नीचे दी गई टेबल से समझ सकते हैं कि आपके बिल पर कितना लोड बढ़ेगा:
---विज्ञापन---
किसको ज्यादा झटका, किसे कम राहत? BSES के ग्राहक (साउथ, वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल दिल्ली): अगर आपके घर में BSES (BRPL या BYPL) की बिजली आती है, तो आपकी जेब पर सबसे ज्यादा मार पड़ने वाली है क्योंकि यहां करीब 7.5% से 8% तक अतिरिक्त चार्ज बढ़ा है।
टाटा पावर के ग्राहक (नॉर्थ दिल्ली): टाटा पावर (TPDDL) के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को थोड़ा कम झटका लगेगा, क्योंकि यहाँ अतिरिक्त सरचार्ज की दर सिर्फ 2.21% ही बढ़ाई गई है।
---विज्ञापन---
क्या आगे भी बढ़ सकते हैं दाम? DERC ने साफ किया है कि यह व्यवस्था अभी अस्थायी (Temporary) है। बिजली कंपनियों की खरीद लागत के आधार पर हर महीने इसकी जांच-पड़ताल की जाएगी। अगर आने वाले समय में कंपनियों को बिजली सस्ती मिलती है, तो यह चार्ज कम भी हो सकता है, लेकिन अगर बिजली खरीद महंगी बनी रही, तो बढ़ा हुआ बिल आगे भी आपको परेशान करता रहेगा।