Budget 2026: इनकम टैक्स एक्ट में होने वाले हैं बदलाव, टैक्स से लेकर HRA तक; जानें क्या-क्या बदलने वाला है?

बजट 2026 को लेकर इस बार हलचल ज्यादा है. क्योंकि सरकार आयकर अधिनियम (Income Tax Act), 1961 को बदलकर नया ‘इनकम टैक्स एक्ट, 2025’ लागू करने की तैयारी में है. जानें क्‍या-क्‍या बदलने वाला है?

income tax act

इनकम टैक्‍स एक्‍ट में बदलाव की तैयारी

विज्ञापन

Budget 2026 : इस साल बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है और 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सुबह 11:00 बजे बजट पेश क‍िया जाएगा. इस बार बजट में कई महत्‍वपूर्ण बदलाव देखने को म‍िल सकते हैं. इसमें से एक इनकम टैक्‍स एक्‍ट में बदलाव भी शाम‍िल है. आयकर अधिनियम (Income Tax Act), 1961 को बदलकर नया ‘इनकम टैक्स एक्ट, 2025’ लागू करने की तैयारी चल रही है. हालांक‍ि इस बारे में अंतिम निर्णय तो 1 फरवरी को संसद में वित्त मंत्री के भाषण के बाद ही होगा लेक‍िन आइये आपको बताते हैं क‍ि क‍िन-क‍िन बदलावों की संभावना है इस बार…

यहां बजट 2026 में टैक्स, HRA और अन्य नियमों में होने वाले संभावित बड़े बदलावों के बारे में जानें:

विज्ञापन

आयकर अधिनियम (Income Tax Act) में ऐतिहासिक बदलाव

पुराना एक्ट खत्म होगा: सरकार 1961 के पुराने कानून को पूरी तरह खत्म कर सकती है. 1 अप्रैल 2026 से नया और सरल ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होने की संभावना है. अब तक टैक्स छूट अलग-अलग ‘सेक्शन’ (जैसे 80C, 80D) में मिलती थी, लेकिन नए एक्ट में इन्हें शेड्यूल सिस्टम में शिफ्ट किया जा सकता है, जिससे नियम समझना और ITR भरना आसान होगा.

HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और मेट्रो सिटी का विस्तार पर बड़ा अपडेट:
वर्तमान में केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को ही ‘मेट्रो सिटी’ माना जाता है, जहां सैलरी का 50% HRA क्लेम किया जा सकता है. बजट 2026 में बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों को भी मेट्रो सिटी की लिस्ट में शामिल किया जा सकता है, जिससे वहां रहने वाले लाखों कर्मचारियों को ज्यादा टैक्स बचत होगी.

विज्ञापन

न्यू टैक्स रिजीम में HRA:
वर्तमान में नई व्यवस्था में HRA की छूट नहीं मिलती. विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार नई रिजीम को लोकप्रिय बनाने के लिए इसमें भी सीमित HRA छूट शामिल कर सकती है.

विज्ञापन

स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) की सीमा
वर्तमान में यह 75000 (न्यू रिजीम) है. बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर 100000 रुपये करने की पुरजोर मांग है. इससे सैलरीड क्लास और पेंशनर्स की टैक्सेबल इनकम सीधे तौर पर 25000 रुपये कम हो जाएगी.

टैक्स स्लैब में संभावित बदलाव (New Tax Regime)
सरकार का पूरा फोकस अब ‘न्यू टैक्स रिजीम’ को ही डिफॉल्ट और आकर्षक बनाने पर है. अभी 7.75 लाख रुपये (स्टैण्डर्ड डिडक्शन के साथ) तक की आय प्रभावी रूप से टैक्स फ्री है. इसे बढ़ाकर 8.5 लाख से 9 लाख रुपये किया जा सकता है. 5% और 10% वाले टैक्स स्लैब के दायरे को और चौड़ा किया जा सकता है ताकि मध्यम वर्ग के पास खर्च के लिए ज्यादा पैसा बचे.

विज्ञापन

80C और होम लोन (Old Tax Regime)
निवेश की सीमा 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की उम्मीद है, क्योंकि यह सीमा 2014 के बाद से नहीं बदली है. होम लोन के ब्याज पर छूट को 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है ताकि रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिले.

विज्ञापन
लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ