---विज्ञापन---

ऑटो

Maruti Swift Hydrogen: अब पेट्रोल भरवाने की जरूरत नहीं? पानी से बने फ्यूल पर चलेगी मारुति स्विफ्ट, जानें क्या है नई तकनीक

Maruti Swift अब पेट्रोल या CNG नहीं, बल्कि एक नई टेक्नोलॉजी पर दौड़ने की तैयारी में है. कंपनी ने Vienna Motor Symposium 2026 में इसका नया प्रोटोटाइप पेश किया है. जानिए कैसे काम करती है ये फ्यूचर कार और भारत में कब तक मिल सकती है इसकी झलक.

Author
Written By: Mikita Acharya Updated: May 8, 2026 13:13
अब हाइड्रोजन से दौड़ेगी Maruti Swift, सामने आई फ्यूचर टेक्नोलॉजी.

Maruti Swift Hydrogen: मारुति सुजुकी स्विफ्ट को अब तक आपने पेट्रोल, डीजल, CNG और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी में देखा होगा, लेकिन अब कंपनी इसे बिल्कुल नई टेक्नोलॉजी के साथ पेश करने की तैयारी कर रही है. वियना मोटर सिम्पोजियम 2026 में कंपनी ने स्विफ्ट का हाइड्रोजन इंजन वाला प्रोटोटाइप दिखाकर सबका ध्यान खींच लिया है. खास बात यह है कि यह कार बिना पेट्रोल या डीजल के चलेगी और इससे प्रदूषण भी लगभग ना के बराबर होगा. आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी ऑटो सेक्टर की दिशा बदल सकती है.

दुनिया भर में पॉपुलर है Maruti Swift

मारुति सुजुकी स्विफ्ट भारत की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली हैचबैक कारों में शामिल है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई दूसरे देशों में भी इस कार की अच्छी बिक्री होती है. ग्लोबल मार्केट में स्विफ्ट अलग-अलग पावरट्रेन ऑप्शन के साथ आती है, जिनमें पेट्रोल, टर्बो पेट्रोल, डीजल, माइल्ड हाइब्रिड और CNG वेरिएंट शामिल हैं.

---विज्ञापन---

अब हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में दिखी Swift

अब कंपनी ने इस कार का हाइड्रोजन इंजन वाला नया वर्जन पेश किया है. इसे Vienna Motor Symposium 2026 में शोकेस किया गया है. यह एक प्रोटोटाइप मॉडल है, जिसमें नई Hydrogen DI Technology का इस्तेमाल किया गया है. इस तकनीक को मोबिलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी AVL और Suzuki Motor Corporation ने मिलकर तैयार किया है.

कैसे काम करती है हाइड्रोजन कार?

आमतौर पर हाइड्रोजन कारों में फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है. इसमें हाइड्रोजन गैस से बिजली बनाई जाती है, जो बैटरी को चार्ज करती है और फिर इलेक्ट्रिक मोटर कार को चलाती है. इस प्रक्रिया में सिर्फ पानी निकलता है, जिससे प्रदूषण नहीं होता.

---विज्ञापन---

नई टेक्नोलॉजी में सीधे फ्यूल की तरह होगा इस्तेमाल

अब टेक्नोलॉजी पहले से ज्यादा एडवांस हो चुकी है. नई हाइड्रोजन DI टेक्नोलॉजी में हाइड्रोजन का इस्तेमाल सीधे फ्यूल की तरह किया जा रहा है. यानी बिजली बनाने की जरूरत नहीं पड़ती. कंपनी ने इस सिस्टम को Suzuki के 1.4 लीटर फोर-सिलेंडर हाइड्रोजन इंजन के साथ तैयार किया है.

भारत में फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल भारत में हाइड्रोजन कारें बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं. हालांकि, भविष्य में यह टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ सकती है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लगातार ग्रीन फ्यूल और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर दे रहे हैं. अभी देश में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है.

---विज्ञापन---

बड़ा विकल्प बन सकती है हाइड्रोजन?

भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग और दूसरे ग्रीन फ्यूल विकल्पों पर भी काम चल रहा है. ऐसे में हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी आने वाले समय में बड़ा विकल्प बन सकती है. फिलहाल कोच्चि एयरपोर्ट पर हाइड्रोजन स्टेशन लगाया गया है, जहां हाइड्रोजन बसों और दूसरे वाहनों का इस्तेमाल शुरू हो चुका है. इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भारत में भी हाइड्रोजन व्हीकल्स की एंट्री तेज हो सकती है.

ये भी पढ़ें- मई में बपंर डिस्काउंट, कंपनी ने खोला ऑफर्स का पिटारा! 4 लाख तक सस्ती हुई ये दमदार SUVs, जानिए पूरी डील

---विज्ञापन---
First published on: May 08, 2026 01:13 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.