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भारत-यूरोपीय संघ डील से बदलेगा कार बाजार, EU कारों का टैक्स घटकर होगा 40%, BMW-Mercedes होंगी सस्ती?

भारत सरकार यूरोप से आने वाली कारों पर भारी टैक्स में बड़ी कटौती करने की योजना बना रही है. अगर EU के साथ फ्री ट्रेड डील फाइनल होती है, तो BMW और Mercedes जैसी कारें भारतीय बाजार में पहले से कहीं सस्ती हो सकती हैं.

Author Written By: Mikita Acharya Updated: Jan 27, 2026 10:32
भारत खोलने जा रहा ऑटो बाजार के दरवाजे! (Photo-News24 GFX)

India European Union FTA: भारत सरकार यूरोपीय देशों से आने वाली कारों पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत यूरोपियन यूनियन (EU) से आयात होने वाली कारों पर लगने वाला भारी टैक्स घटाकर 40 फीसदी कर सकता है. अगर यह फैसला लागू होता है, तो यह भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा और विदेशी कार कंपनियों के लिए भारतीय बाजार के दरवाजे और ज्यादा खुल जाएंगे.

भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के करीब

भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. यह समझौता आज मंगलवार को घोषित हो सकता है. इस डील के जरिए दोनों पक्षों के बीच व्यापार को नई रफ्तार देने की तैयारी है.

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कारों पर टैक्स में बड़ी कटौती की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार EU से आने वाली कुछ कारों पर तुरंत आयात शुल्क घटाकर 40 फीसदी करने पर सहमत हो गई है. अभी विदेशी कारों पर 70 से 110 फीसदी तक टैक्स लगता है. शुरुआत में यह छूट उन कारों को मिलेगी जिनकी आयात कीमत 15,000 यूरो से ज्यादा है.

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भविष्य में और घट सकता है टैक्स

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, समय के साथ यह टैक्स घटाकर 10 फीसदी तक भी किया जा सकता है. इससे Volkswagen, Mercedes-Benz और BMW जैसी बड़ी यूरोपीय कंपनियों को भारत में अपनी कारें बेचने में काफी आसानी होगी.

भारतीय ऑटो बाजार के लिए बड़ा बदलाव

अब तक भारत का ऑटो बाजार काफी हद तक सुरक्षित रहा है, जहां विदेशी कारों पर ज्यादा टैक्स लगाया जाता था. इस नीति की कई ग्लोबल लेवल पर कंपनियां आलोचना भी करती रही हैं, जिसमें Tesla के CEO एलन मस्क भी शामिल हैं.

200,000 पेट्रोल-डीजल कारों को मिलेगी राहत
अब इस प्रस्ताव के तहत हर साल करीब 2 लाख पेट्रोल और डीजल कारों पर टैक्स घटाया जा सकता है. इसे ऑटो सेक्टर को खोलने की दिशा में भारत का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

इलेक्ट्रिक कारों को फिलहाल राहत नहीं

बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों को पहले पांच साल तक इस छूट से बाहर रखा जाएगा. सरकार का मकसद Tata Motors और Mahindra जैसी घरेलू कंपनियों को सुरक्षित रखना है. इसके बाद इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी इसी तरह की राहत दी जा सकती है.

यूरोपीय कंपनियों को होगा फायदा

इस फैसले से यूरोपीय कार कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा. अभी भारत के 4.4 मिलियन यूनिट सालाना कार बाजार में EU कंपनियों की हिस्सेदारी 4 फीसदी से भी कम है. लेकिन 2030 तक बाजार 6 मिलियन यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है.

भारत-EU व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस FTA से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की संभावना है. 2024-25 में भारत और EU के बीच सामानों का व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जबकि सेवाओं का व्यापार 83 अरब डॉलर से ज्यादा रहा. बता दें कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैक्स के असर से राहत दिलाने में मदद करेगा. साथ ही सप्लाई चेन को मजबूत करने और चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा भी है.

‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के करीब समझौता

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस डील को “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया है. भारत–EU FTA पर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी और करीब 18 साल बाद अब यह समझौता अंतिम दौर में पहुंच चुका है.

आज हो सकता है बड़ा ऐलान

इस समझौते की घोषणा आज 27 जनवरी को होने वाले भारत–EU समिट में हो सकती है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ अहम बैठक करेंगे.

ये भी पढ़ें- यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड डील से भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?

First published on: Jan 27, 2026 10:01 AM

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