Wednesday, 24 April, 2024

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Kalashtami 2024: फाल्गुन माह की कालाष्टमी व्रत कब? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और महत्व

Kalashtami March 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, कालाष्टमी पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। फाल्गुन माह में कालाष्टमी व्रत 3 मार्च को रखा जाएगा। तो आज इस खबर में जानेंगे कालाष्टमी व्रत की शुभ तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र के बारे में।

Edited By : Raghvendra Tiwari | Updated: Feb 27, 2024 16:00
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Kalashtami 2024

Kalashtami March 2024: हिंदू धर्म में कालाष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। कालाष्टमी का पर्व हर माह में रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी पर्व के दिन काल भैरव बाबा की पूजा की जाती है। जो लोग काल भैरव की विधि-विधान से पूजा करते हैं तो उन्हें काल भैरव का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही हर मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

पंचांग के अनुसार, कालाष्टमी पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। आज इस खबर में जानेंगे कि मार्च महीने में कब कालाष्टमी का व्रत है इसके साथ ही शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि और किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

कालाष्टमी व्रत कब

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में कालाष्टमी व्रत 3 मार्च को रखा जाएगा। बता दें कि इस दिन कालाष्टमी की शुरुआत सुबह के 8 बजकर 44 मिनट पर हो रही हैं और समाप्ति 4 मार्च को सुबह 8 बजकर 49 मिनट पर होगी। उदय तिथि के अनुसार, कालाष्टमी व्रत 3 मार्च को रखा जाएगा।

कालाष्टमी के दिन जरूर करें ये काम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी व्रत के दिन प्रात काल उठकर स्नान करना चाहिए। उसके बाद काल भैरव बाबा का ध्यान करना चाहिए। ध्यान करने के बाद काल भैरव की पूजा विधि-विधान से पूजा अर्चना करें। साथ ही इस दिन साफ-सुथरा वस्त्र धारण करें। मंदिर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और मंदिर को गंगाजल से पवित्र करें।

गंगाजल का छिड़काव करने के बाद लाल कपड़ा बिछाकर काल भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित करें। मूर्ति स्थापित करने के बाद घी का दीपक जलाना चाहिए। साथ ही काल भैरव अष्टक का पाठ भी करें। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही जीवन खुशहाल रहता है।

कालाष्टमी के दिन करें इन मंत्रों का जाप

ओम ह्रीं वं भैरवाय नमः
भैरवाय नमः
ओम बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय हुं फट् स्वाहा
ओम ह्रीं बगलामुखाय पंचास्य स्तम्भय स्तम्भय मोहय मोहय मायामुखायै हुं फट् स्वाहा
भैरवाय नमस्कृतोऽस्तु भैरवाय स्वाहा

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Feb 27, 2024 04:00 PM

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