हिंदी न्यूज़/ज्योतिष/Kaalchakra: पितृपक्ष के पहले दिन चंद्र ग्रहण से इन राशियों को होगा लाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?
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Kaalchakra: पितृपक्ष के पहले दिन चंद्र ग्रहण से इन राशियों को होगा लाभ, पंडित सुरेश पांडेय से जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?
Kaalchakra Today: पितृपक्ष के पहले दिन यानी 7 सितंबर को वर्ष 2025 का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसका कारण इसका सूतक काल मान्य होगा और देश-दुनिया पर अच्छा-खासा प्रभाव पड़ेगा। चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं चंद्र ग्रहण के सही समय और 12 राशियों पर इसके प्रभाव के बारे में।
Kaalchakra Today 5 September 2025: ग्रह गोचर के लिहाज से तो साल 2025 का 9वां यानी सितंबर माह खास है ही, साथ ही इस माह कई महत्वपूर्ण त्योहार का भी आरंभ हो रहा है। इस बार सितंबर माह की 7 तारीख से पितृपक्ष का आरंभ हो रहा है, जिसके पहले दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसके करीब 15 दिन बाद पितृपक्ष का समापन होगा, जिस दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को कुल 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकेंड के लिए भारत में दिखाई देगा, जो कि कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा और देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको चंद्र ग्रहण के सही समय और 12 राशियों पर इसके प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय भी पता चलेंगे।
चंद्र ग्रहण का काल
ग्रहण स्पर्श काल- 7 सितंबर 2025, रात 9 बजकर 58 मिनट पर
ग्रहण का मध्यम काल- 7 सितंबर की रात 11:41 पर
ग्रहण का मोक्ष काल- 7 सितंबर की मध्य रात्रि 1:26 पर
ग्रहण का सूतक काल शुरू- 7 सितंबर की दोपहर 12:19 से
ग्रहण का सूतक काल समाप्त- 7 सितंबर की मध्यरात्रि 1:26 पर
चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
मेष राशिवालों की कुंडली के 11वें भाव में चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो कि आपके लिए शुभ रहेगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Kaalchakra Today 5 September 2025: ग्रह गोचर के लिहाज से तो साल 2025 का 9वां यानी सितंबर माह खास है ही, साथ ही इस माह कई महत्वपूर्ण त्योहार का भी आरंभ हो रहा है। इस बार सितंबर माह की 7 तारीख से पितृपक्ष का आरंभ हो रहा है, जिसके पहले दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसके करीब 15 दिन बाद पितृपक्ष का समापन होगा, जिस दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है। द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को कुल 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकेंड के लिए भारत में दिखाई देगा, जो कि कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा और देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको चंद्र ग्रहण के सही समय और 12 राशियों पर इसके प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय भी पता चलेंगे।
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चंद्र ग्रहण का काल
ग्रहण स्पर्श काल- 7 सितंबर 2025, रात 9 बजकर 58 मिनट पर
ग्रहण का मध्यम काल- 7 सितंबर की रात 11:41 पर
ग्रहण का मोक्ष काल- 7 सितंबर की मध्य रात्रि 1:26 पर
ग्रहण का सूतक काल शुरू- 7 सितंबर की दोपहर 12:19 से
ग्रहण का सूतक काल समाप्त- 7 सितंबर की मध्यरात्रि 1:26 पर
चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
मेष राशिवालों की कुंडली के 11वें भाव में चंद्र ग्रहण लगने वाला है, जो कि आपके लिए शुभ रहेगा।