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Kaalchakra: दूसरों का रत्न धारण करना शुभ या अशुभ? पंडित सुरेश पांडेय से जानें रत्नों का पूरा रहस्य
Kaalchakra Today: क्या आप भी रत्न पहनते हैं या पहनने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो ऐसे में आपको आज का कालचक्र जरूर देखना चाहिए, जिसमें आपको रत्न के खोने, टूटने और मिलने आदि से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब मिलेंगे.
Written By:
Nidhi Jain
Updated: Apr 16, 2026 11:11
Edited By :
Nidhi Jain
Updated: Apr 16, 2026 11:11
Credit- News24 Graphics
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हाइलाइट्स
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रत्न शास्त्र के महत्वपूर्ण नियम
रत्न शास्त्र नवरत्नों के महत्व, गुणों और ग्रहों से उनके संबंध को बताता है।
दूसरों के उतरे हुए रत्न को शुद्ध किए बिना नहीं पहनना चाहिए, केवल करीबी परिवार के सदस्यों के रत्न धारण किए जा सकते हैं।
रत्न का टूटना या उसमें दरार आना अशुभ माना जाता है, जिसके बाद ग्रह शांति पूजा और नया रत्न धारण करना चाहिए।
रत्न धारण करने के तरीके
रत्नों को अंगूठी के रूप में उंगली में पहनना अधिक फायदेमंद होता है क्योंकि यह त्वचा को लगातार स्पर्श करता है, जिससे प्रभाव बढ़ता है।
Kaalchakra Today 16 April 2026: रत्न शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विद्या है, जिसमें नवरत्नों के महत्व, गुणों, ग्रहों से उनके संबंध और मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव आदि के बारे में बताया गया है. माना जाता है कि रत्न धारण करने से कुंडली में ग्रहों की स्थिति शांत होती है, जिसके बाद जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. हालांकि, रत्नों को लेकर व्यक्ति के मन में कई सवाल भी रहते हैं. जैसे कि दूसरों का रत्न पहनना चाहिए या नहीं, रत्न टूट जाए तो क्या करें, रत्न का खोना कैसा होता है, रत्न को उंगली या शरीर में किसमें धारण करना चाहिए आदि-आदि.
आज 16 अप्रैल 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको रत्नों से जुड़ी विभिन्न जरूरी बातों व नियमों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाने से जल्दी और लंबे समय तक आपके ऊपर रत्नों का शुभ प्रभाव पड़ सकता है.
दूसरों का रत्न पहनना चाहिए या नहीं?
दूसरे व्यक्ति के हाथ से उतरा हुआ रत्न नहीं पहनना चाहिए. यदि उस रत्न को पहनना बहुत जरूरी है तो शुद्ध करने के बाद ही उसे धारण करें. बता दें कि सिर्फ अपने परिवार के करीबी सदस्यों का ही रत्न धारण करना चाहिए.
रत्न का टूटना कैसा होता है?
रत्न का टूटना या उसमें दरार आना अशुभ होता है. यदि आपका भी रत्न टूट जाए तो तुरंत ग्रह शांति के लिए पूजा कराएं, जिसके बाद नया, बड़ा और अच्छी गुणवत्ता का रत्न धारण करें.
रत्न को अंगूठी या लॉकेट किसमें पहनें?
रत्नों को अंगूठी के रूप में उंगली में भी पहना जाता है, जिसे धारण करना ज्यादा फायदेमंद होता है. रत्न उंगली की त्वचा को हर समय स्पर्श करता है, जिससे जीवन पर उसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है. बता दें कि रत्नों को गले में लॉकेट में धारण करने से वो ज्यादा समय तक शरीर की त्वचा से स्पर्श नहीं होते हैं, जिससे इसका प्रभाव जीवन पर कम पड़ता है.
अगर आप रत्न से जुड़े अन्य सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी रत्न शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 16 April 2026: रत्न शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विद्या है, जिसमें नवरत्नों के महत्व, गुणों, ग्रहों से उनके संबंध और मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव आदि के बारे में बताया गया है. माना जाता है कि रत्न धारण करने से कुंडली में ग्रहों की स्थिति शांत होती है, जिसके बाद जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. हालांकि, रत्नों को लेकर व्यक्ति के मन में कई सवाल भी रहते हैं. जैसे कि दूसरों का रत्न पहनना चाहिए या नहीं, रत्न टूट जाए तो क्या करें, रत्न का खोना कैसा होता है, रत्न को उंगली या शरीर में किसमें धारण करना चाहिए आदि-आदि.
आज 16 अप्रैल 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको रत्नों से जुड़ी विभिन्न जरूरी बातों व नियमों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाने से जल्दी और लंबे समय तक आपके ऊपर रत्नों का शुभ प्रभाव पड़ सकता है.
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दूसरों का रत्न पहनना चाहिए या नहीं?
दूसरे व्यक्ति के हाथ से उतरा हुआ रत्न नहीं पहनना चाहिए. यदि उस रत्न को पहनना बहुत जरूरी है तो शुद्ध करने के बाद ही उसे धारण करें. बता दें कि सिर्फ अपने परिवार के करीबी सदस्यों का ही रत्न धारण करना चाहिए.
रत्न का टूटना कैसा होता है?
रत्न का टूटना या उसमें दरार आना अशुभ होता है. यदि आपका भी रत्न टूट जाए तो तुरंत ग्रह शांति के लिए पूजा कराएं, जिसके बाद नया, बड़ा और अच्छी गुणवत्ता का रत्न धारण करें.
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रत्न को अंगूठी या लॉकेट किसमें पहनें?
रत्नों को अंगूठी के रूप में उंगली में भी पहना जाता है, जिसे धारण करना ज्यादा फायदेमंद होता है. रत्न उंगली की त्वचा को हर समय स्पर्श करता है, जिससे जीवन पर उसका प्रभाव ज्यादा पड़ता है. बता दें कि रत्नों को गले में लॉकेट में धारण करने से वो ज्यादा समय तक शरीर की त्वचा से स्पर्श नहीं होते हैं, जिससे इसका प्रभाव जीवन पर कम पड़ता है.