Aaj Ka Panchang: आज यशोदा जयंती पर जानें 18 फरवरी के पंचांग का शुभ योग और राहु काल

Aaj Ka Panchang 18 february 2025: आज 18 फरवरी को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आइए जानते हैं, 18 फरवरी का पंचांग क्या है, कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने वाला है, किस दिशा में यात्रा करना अशुभ है और आज का राहु काल कब से कब तक है?

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Aaj Ka Panchang 18 february 2025: आज 18 फरवरी, 2025 को फाल्गुन माह का छठा दिन है यानी आज इस माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 11 घंटे 16 मिनट 39 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 12 घंटे 42 मिनट 26 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह शिशिर ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण होकर गोचर कर रहे हैं।

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आइए जानते हैं, 18 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं? आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का राहु काल का समय क्या है?

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आज का पंचांग

तिथि: आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो आज पूरी रात तक कायम रहेगी। इसके बाद फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि शुरु हो जाएगी। षष्ठी तिथि भगवान कार्तिकेय को समर्पित है और नंदा तिथि वर्ग की इस तिथि का स्वभाव यशप्रद माना गया है, इसलिए यह तिथि अशुभ मानी जाती है।

नक्षत्र: आज 07:35 AM तक चित्रा नक्षत्र व्याप्त रहेगी। इसके बाद स्वाति नक्षत्र शुरू होगी। चित्रा और स्वाति दोनों ही नक्षत्र शुभ मुहूर्तों में स्वीकृत है, इसलिए यह सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

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दिन/वार: मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह दिन मुख्य रूप से बजरंगबली हनुमान जी की उपासना के लिए समर्पित होता है। साथ ही, इसे नवग्रहों के सेनापति मंगल देव का दिन भी माना जाता है। इस दिन मंगल ग्रह की शांति के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं।

योग: आज शाम के 09:52 AM तक गंड योग व्याप्त रहेगा। इसके बाद पूरे दिन वृद्धि योग का असर कायम रहेगा। गंड एक अशुभ योग है, जबकि वृद्धि योग शुभ माना गया है।

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इसके साथ ही आज इन योगों का संयोग रवि योग से हो रहा है, जिसका समय आप नीचे शुभ मुहूर्त कैटेगरी में देख सकते हैं।

करण: आज के दिन 06:13 PM तक तक गर करण का प्रभाव रहेगा, इसके बाद वणिज करण की शुरुआत होगी, जो 18 फरवरी पूरे रात व्याप्त रहेगी।

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सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने के योग हैं:

सूर्य गोचर: सूर्य कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।

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चन्द्र गोचर: आज चंद्रमा सिंह तुला में गोचर कर रहे हैं, जिसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं।

शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 05:15 AM से 06:06 AM

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प्रातः सन्ध्या: 05:40 AM से 06:57 AM

अभिजित मुहूर्त: 12:13 PM से 12:58 PM

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विजय मुहूर्त: 02:28 PM से 03:13 PM

गोधूलि मुहूर्त: 06:11 PM से 06:37 PM

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सायाह्न सन्ध्या: 06:14 PM से 07:30 PM

अमृत काल: 12:44 AM, फरवरी 19 से 02:32 AM, फरवरी 19

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निशिता मुहूर्त: 12:09 AM, फरवरी 19 से 01:00 AM, फरवरी 19

रवि योग: 07:35 AM से 06:56 AM, फरवरी 19

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आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

राहुकाल: आज राहु काल 03:24 PM से 04:49 PM तक रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।

यमगण्ड: 09:46 AM से 11:11 AM

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गुलिक काल: 12:35 PM से 02:00 PM

विष घटी/वर्ज्य काल: 01:54 PM से 03:43 PM

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दुर्मुहूर्त काल: 09:12 AM से 09:57 AM और 11:18 PM से 12:09 AM, फरवरी 19

18 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार

आज फाल्गुन माह की षष्ठी तिथि है और दिन मंगलवार है। मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दिन को विशेष रूप से संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से भय, शारीरिक कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। इसके अतिरिक्त, मंगलवार को नवग्रहों के सेनापति मंगल देव की आराधना का भी विशेष महत्व है। मंगल शांति के लिए हनुमान जी की पूजा के साथ-साथ हनुमान बाहुक, सुंदरकांड और मंगल स्तोत्र का पाठ भी किया जाता है।

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यशोदा जयंती: फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मां यशोदा जयंती मनाई जाती है। इस तिथि को भगवान कृष्ण का लालन-पालन करने वाली मां यशोदा का जन्म हुआ था। यह पावन हिंदू त्योहार माता यशोदा और भगवान कृष्ण के बीच के अटूट प्रेम और ममता के बंधन को समर्पित है। यह पर्व मुख्य रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए मनाया जाता है। यह व्रत अधिकतर माताएं अपने संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं।

आज की यात्रा टिप्स: आज उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

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पंचांग का महत्व

पंचांग केवल तिथियों और त्योहारों का कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह जीवन को सफल और समृद्ध बनाने का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह ब्रह्मांड की प्राकृतिक लय और खगोलीय घटनाओं के अनुरूप चलने की शिक्षा देता है, जिससे हम सही समय पर सही निर्णय ले सकें।

पंचांग के अनुसार कार्य करने के लाभ

  • विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत और यात्रा जैसे शुभ कार्य सही समय पर करने से सफलता और समृद्धि के अवसर बढ़ते हैं।
  • यह निर्णय क्षमता को मजबूत करता है, जिससे जीवन अधिक सुव्यवस्थित और उन्नत बनता है।
  • पंचांग का ज्ञान हमें प्रकृति और ब्रह्मांड की ऊर्जा के साथ संतुलन बनाकर जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक होता है।
  • सही समय पर लिए गए निर्णय जीवन को अधिक सुखद और समृद्ध बना सकते हैं, और पंचांग इस मार्ग में एक प्रभावी साधन साबित होता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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