अकसर जेल का नाम सुनते ही ऊंची दीवारें, लोहे की सलाखें, कड़ी सुरक्षा और हथकड़ी की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन यूरोप के देश फिनलैंड में एक ऐसी जेल भी है, जिसे दुनिया की सबसे आरामदायक और अनोखी जेलों में गिना जाता है. यहां कई कैदियों को न हथकड़ी लगाई जाती है और न ही हर समय बंद सेल में रखा जाता है.
क्या है खास?
फिनलैंड के इस सिस्टम को ओपन प्रिजन (Open Prison) कहा जाता है. इसमें सिर्फ उन्हीं कैदियों को रखा जाता है, जिन्होंने जेल में अच्छा व्यवहार दिखाया हो और जिनके भागने या अपराध दोहराने का खतरा कम माना जाता है. ऐसे कैदियों को धीरे-धीरे नॉर्मल लाइफ में लौटने की तैयारी कराई जाती है. इस जेल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां ऊंची दीवारें और भारी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती. कई कैदी दिन में नौकरी करने, पढ़ाई करने या ट्रेनिंग लेने के लिए जेल परिसर से बाहर जा सकते हैं. कुछ मामलों में उन्हें अपनी कार चलाने की भी इजाजत मिलती है. तय समय पर उन्हें वापस जेल लौटना होता है.
खुद करते हैं काम
यहां रहने वाले कैदी खुद खाना बनाते हैं, कपड़े धोते हैं और रोजमर्रा के कई काम भी अपने दम पर करते हैं. उन्हें समाज के साथ जुड़े रहने का मौका दिया जाता है ताकि जेल से रिहा होने के बाद वो आसानी से नॉर्मल लाइफ में वापस लौट सकें. फिनलैंड की सरकार का मानना है कि जेल का मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि अपराधी को सुधारना और उसे दोबारा समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है. इसी सोच की वजह से वहां पुनर्वास (Rehabilitation) पर खास जोर दिया जाता है. कैदियों को शिक्षा, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं. हालांकि ये सुविधा सभी कैदियों को नहीं मिलती. गंभीर अपराध करने वाले या सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक माने जाने वाले कैदी पहले बंद जेलों में रहते हैं. अच्छे व्यवहार, नियमों के पालन और अधिकारियों के आकलन के बाद ही उन्हें ओपन प्रिजन में भेजा जाता है.
अकसर जेल का नाम सुनते ही ऊंची दीवारें, लोहे की सलाखें, कड़ी सुरक्षा और हथकड़ी की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन यूरोप के देश फिनलैंड में एक ऐसी जेल भी है, जिसे दुनिया की सबसे आरामदायक और अनोखी जेलों में गिना जाता है. यहां कई कैदियों को न हथकड़ी लगाई जाती है और न ही हर समय बंद सेल में रखा जाता है.
क्या है खास?
फिनलैंड के इस सिस्टम को ओपन प्रिजन (Open Prison) कहा जाता है. इसमें सिर्फ उन्हीं कैदियों को रखा जाता है, जिन्होंने जेल में अच्छा व्यवहार दिखाया हो और जिनके भागने या अपराध दोहराने का खतरा कम माना जाता है. ऐसे कैदियों को धीरे-धीरे नॉर्मल लाइफ में लौटने की तैयारी कराई जाती है. इस जेल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां ऊंची दीवारें और भारी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती. कई कैदी दिन में नौकरी करने, पढ़ाई करने या ट्रेनिंग लेने के लिए जेल परिसर से बाहर जा सकते हैं. कुछ मामलों में उन्हें अपनी कार चलाने की भी इजाजत मिलती है. तय समय पर उन्हें वापस जेल लौटना होता है.
खुद करते हैं काम
यहां रहने वाले कैदी खुद खाना बनाते हैं, कपड़े धोते हैं और रोजमर्रा के कई काम भी अपने दम पर करते हैं. उन्हें समाज के साथ जुड़े रहने का मौका दिया जाता है ताकि जेल से रिहा होने के बाद वो आसानी से नॉर्मल लाइफ में वापस लौट सकें. फिनलैंड की सरकार का मानना है कि जेल का मकसद सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि अपराधी को सुधारना और उसे दोबारा समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है. इसी सोच की वजह से वहां पुनर्वास (Rehabilitation) पर खास जोर दिया जाता है. कैदियों को शिक्षा, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं. हालांकि ये सुविधा सभी कैदियों को नहीं मिलती. गंभीर अपराध करने वाले या सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक माने जाने वाले कैदी पहले बंद जेलों में रहते हैं. अच्छे व्यवहार, नियमों के पालन और अधिकारियों के आकलन के बाद ही उन्हें ओपन प्रिजन में भेजा जाता है.