World Largest Gas Plant: मिडिल ईस्ट में दुनिया का सबसे बड़े ऑयल प्लांट ईरान के खर्ग द्वीप पर है। वहीं ईरान में ही दुनिया का सबसे बड़ा गैस प्लांट साउथ पार्स है। इन दोनों प्लांट पर इजरायल ने बमबारी और मिसाइल अटैक किए, यानी अमेरिका-इजरायल ने ईरान की कमजोर नस दबाई, ईरान की गर्दन दबोची तो वह बौखला गया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने अरब देशों के गैस-तेल प्लांट पर हमला किया। इस एक घटनाक्रम ने अरब देशों के साथ-साथ अमेरिका तक को हिला दिया और ट्रंप ने प्लांट पर हमलों पर रोक लगा दी।
BREAKING: Middle East tensions are spiraling. Israel has struck Iran’s South Pars gas field, which is the world’s largest natural gas field. Oil just jumped to $108/barrel!
Israel just warned that it will destroy all bridges on Lebanon’s Litani River. This is a major escalation.… pic.twitter.com/zKWRtZux8H---विज्ञापन---— Ed Krassenstein (@EdKrassen) March 18, 2026
प्लांट कहां है और कितना नुकसान हुआ?
बता दें कि साउथ पार्स गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। यह प्लांट ईरान के साउथ स्टेट बुशेहर में फारस की खाड़ी के पास बना है। इस गैस फील्ड में कतर भी पार्टनर है। कतर इस प्लांट से ही दुनियाभर के देशों को LNG की सप्लाई करता है। इइसलिए गैस प्लांट पर इजरायल के हमले से कतर भी भड़का हुआ है। बीते दिन इजरायल ने इस गैस प्लांट पर मिसाइल दागी। गैस फील्ड के मेन प्रोसेसिंग यूनिट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करके मिसाइल दागी गई। जिससे पाइपलाइन में आग लग गई, जो अगर पूरे प्लांट में फैली तो प्लांट तबाह हो जाएगा।
धरती का ज्ञात गैस का सबसे बड़ा भंडार
साउथ पार्स गैस प्लांट नॉर्थ डोम–साउथ पार्स रिजर्वायर का एक हिस्सा है, जिसे धरती का सबसे बड़ा ज्ञात गैस का भंडार माना जाता है। इस प्लांट से कतर-ईरान दुनियाभर के कई देशों को LPG-LNG गैस की सप्लाई करते हैं, इसलिए इसे अंतर्राष्ट्रीय गैस सप्लाई के लिए रीढ़ की हड्डी तक माना जाता है। ऐसे में अगर इस गैस प्लांट से उत्पादन बंद हुआ तो सप्लाई भी बंद होगी, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पड़ेगा। दुनियाभर के कई देशों में LPG-LNG गैस का संकट गहराएगा। इससे देशों का आर्थिक नुकसान होगा, वहीं घरों में कुकिंग गैस की किल्लत होगी।
1800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस का भंडार
साउथ पार्स गैस प्लांट हर साल अरबों क्यूबिक मीटर गैस का प्रोडक्शन करता है। इस प्लांट में 1800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस का भंडार है। यहां साल 2025 से प्रतिदिन रिकॉर्ड 730 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन हो रहा है। यह प्लांट ईरान के लिए ऊर्जा की आपूर्ति का सबसे बड़ा सोर्स है, क्योंकि ईरान को पेट्रोकेमिकल और गैसोलीन के लिए कच्चा माल यहीं से मिलता है। ईरान की अपनी जरूरत के लिए 75% नेचुरल गैस का उत्पादन यहीं होता है। ईरान के बिजली ग्रिड को 80% गैस यहां से मिलती, इसलिए अगर यह बंद हुआ तो पूरा ईरान अंधेरे में डूब जाएगा।
#BREAKING: Israel with US backing struck Iranian natural gas infrastructure at the South Pars natural gas field, the largest in the world. -Axios pic.twitter.com/STlylqZQyg
— Luke Brenner (@TheLukeReport) March 18, 2026
कच्चे तेल से बनने वाली चीजें महंगी हो जाएंगी
ईरान (साउथ पार्स) और कतर (नार्थ डोम) के बीच फारस की खाड़ी में बने गैस प्लांट के तबाह होने से कच्चा तेल महंगा होगा। कच्चा तेल महंगा होने से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगेगी। कच्चे तेल से जितनी भी चीजें बनती हैं, उनका संकट गहराएगा। इससे कई देशों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि इंडस्ट्री बंद हो सकती है। कहा जाए तो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडराएगा। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो मिडिल ईस्ट की जंग दुनियाभर के कई देशों को गरीबी की राह पर धकेल सकती है, जिनमें भारत भी शामिल है।










