लाल सागर में तैनात अमेरिकी नौसेना के दुनिया के सबसे बड़े और सबसे उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78) में आग लग गई. यह घटना जहाज के मुख्य लॉन्ड्री क्षेत्र में हुई, जिसे जल्दी ही नियंत्रित कर लिया गया. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि आग का कारण युद्ध या लड़ाई से संबंधित नहीं है और जहाज के इंजन और पावर प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. कैरियर पूरी तरह से कार्यक्षम और ऑपरेशनल बना हुआ है. यह सुपर कैरियर वर्तमान में लाल सागर के उत्तरी हिस्से में, सऊदी अरब के अल वजह तट के पास तैनात है. अमेरिकी नौसेना इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समर्थन में इस्तेमाल कर रही है, जो ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा है.
फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में शामिल अन्य जहाजों में USS महान (DDG-72), USS बैनब्रिज (DDG-96) और USS विंस्टन एस. चर्चिल (DDG-81) शामिल हैं, जो पिछले हफ्ते स्वेज नहर से गुजरकर लाल सागर में पहुंचे थे.
Statement on USS Gerald R. Ford from U.S. 5th Fleet: https://t.co/5Q6ZPovuBy
---विज्ञापन---— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
US सेंट्रल कमांड का आधिकारिक बयान
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर जारी बयान में कहा कि USS गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN 78) में आग लग गई, जो जहाज की मेन लॉन्ड्री की जगह से शुरू हुई थी. आग लगने का कारण लड़ाई से जुड़ा नहीं था और उसे काबू कर लिया गया है. जहाज के प्रोपल्शन प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ है और एयरक्राफ्ट कैरियर पूरी तरह से चालू है. आग की घटना में दो अमेरिकी नाविक (सैनिक) घायल हुए हैं. उन्हें तुरंत मेडिकल इलाज दिया जा रहा है. अमेरिकी सेना के अनुसार, उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं और दोनों की हालत स्थिर है और जानकारी मिलने पर दी जाएगी.
दुनिया का सबसे महंगा और शक्तिशाली युद्धपोत
USS गेराल्ड आर. फोर्ड फोर्ड-क्लास का पहला न्यूक्लियर पावर्ड सुपर कैरियर है, जिसका नाम पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड के नाम पर रखा गया. यह 333 मीटर लंबा और लगभग 1 लाख टन वजनी है. इसमें दो A1B न्यूक्लियर रिएक्टर लगे हैं, जो 30 नॉट से ज्यादा की रफ्तार प्रदान करते हैं. इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम (EMALS) लगा है. इसमें 90 से ज्यादा फाइटर जेट्स ले जाने की क्षमता है. इसकी कुल लागत लगभग 13 अरब डॉलर है. यह अमेरिकी नौसेना की समुद्री ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है और 2017 में सेवा में शामिल हुआ था.










