एक घंटे में भूकंप के 150 झटके, Iceland में इमरजेंसी, वैज्ञानिकों के ज्वालामुखी विस्फोट का संकेत

Iceland Volcano Eruption: वैज्ञानिकों ने देश के दक्षिण-पश्चिमी रेक्जेन्स प्रायद्वीप में ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका जताई है। हालातों को देखते हुए देश की सरकार ने आपातकाल की घोषणा भी कर दी है।

Volcano Eruption

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Volcanic Eruption Alert In Iceland: आइसलैंड ज्वालामुखी विस्फोट के मुहाने पर खड़ा है। वैज्ञानिकों ने देश के दक्षिण-पश्चिमी रेक्जेन्स प्रायद्वीप में ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका जताई है। पिछले कई दिनों से देश में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। करीब 24 हजार झटके महसूस किए जा चुके हैं। एक घंटे में करीब 150 झटके लगे। हालातों को देखते हुए देश की सरकार ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। पुलिस ने उत्तर-दक्षिण से ग्रिंडाविक तक जाने वाली सड़क को शुक्रवार को बंद कर दिया। नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख ग्रिंडाविक के उत्तर में सुंधनजुकागिगर में भूकंपीय गतिविधियों के कारण नागरिक सुरक्षा के मद्देनजर आपातकाल की घोषणा करते हैं।

 

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सबसे ज्यादा नुकसान ग्रिंडाविक गांव का होगा

आइसलैंड सरकार ने चेतावनी दी है कि भूकंप अब तक आए भूकंपों से भी बड़े हो सकते हैं और यह घटनाएं ज्वालामुखी विस्फोट का कारण हो सकती हैं। आइसलैंडिक मौसम कार्यालय (IMO) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में ज्वालामुखी फट सकता है। बता दें कि भूकंप के झटकों और ज्वालामुखी विस्फोट से सबसे ज्यादा नुकसान लगभग 4 हजार लोगों की आबाद वाले ग्रिंडाविक गांव को होगा, जो ज्वालामुखी वाले क्षेत्र से लगभग 3 किलोमीटर (1.86 मील) दूर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। 1730 GMT के आस5पास, राजधानी रेकजाविक से लगभग 40 किलोमीटर दूर और देश के अधिकांश दक्षिणी तट पर भूकंप के 2 बड़े तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोगों के घरों की खिड़कियां और घरेलू चीजें तक हिल गईं।

 

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धरती से 3 किलोमीटर नीचे उबल रहा लावा

IMO के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सबसे बड़ा झटका ग्रिंडाविक के उत्तर में 5.2 तीव्रता का था। दक्षिण-पश्चिमी आइसलैंड में कई भूकंपीय गतिविधि हो रही हैं, जिससे विशेषज्ञों ने ज्वालामुखी विस्फोट को लेकर चिंता जताई है। एक घंटे में ही इस क्षेत्र में 150 से अधिक भूकंप आए। अक्टूबर के आखिर से अब तक प्रायद्वीप पर लगभग 24 हजार झटके लगे। शुक्रवार आधी रात से करीब 800 झटके लग चुके हैं। धरती से 3 किलोमीटर (3.1 मील) की गहराई में लावा उबल रहा है, अगर यह सतह की ओर बढ़ने लगा तो इससे ज्वालामुखी विस्फोट हो सकता है। इसे देखते हुए इलाके में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की गश्त बढ़ा दी गई है। होटलों और रेस्टोंरेंट को एहतियातन बंद कर दिया गया है।

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पिछले 2 साल में 3 ज्वालामुखी विस्फोट हुए

बता दें कि 2021 के बाद रेक्जेन्स प्रायद्वीप पर मार्च 2021, अगस्त 2022 और जुलाई 2023 में 3 विस्फोट हो चुके हैं। आइसलैंड में 33 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो यूरोप में सबसे अधिक हैं। उत्तरी अटलांटिक द्वीप मध्य-अटलांटिक रिज तक फैला हुआ है, जो समुद्र तल में यूरेशियन और उत्तरी अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों को अलग करती है। अप्रैल 2010 में आइसलैंड में आईजफजल्लाजोकुल द्वीप के दक्षिण में बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी विस्फोट हुआ, जिसके कारण एक लाख उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिस वजह से 10 मिलियन से अधिक यात्री फंस गए थे।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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