---विज्ञापन---

ट्रंप ने सख्त किया नया वीजा रूल! खत्म हुआ दशकों पुराना सिस्टम; जानें- भारतीयों पर क्या होगा असर

इस नए बदलाव ने दशकों पुराने 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है. इस फैसले का सबसे बड़ा असर 3.3 लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों पर पड़ने जा रहा है, जो वर्तमान में अमेरिका के कई यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं.

---विज्ञापन---

अमेरिका में हायर एजुकेशन का सपना देख रहे और वहां पढ़ रहे दूसरे देशों के स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने एक नए कड़े नियम को अंतिम रूप दे दिया है. इस नियम के तहत विदेशी छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि को अधिकतम 4 साल के लिए फिक्स कर दिया गया है. इस नए बदलाव ने दशकों पुराने ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया है. इस फैसले का सबसे बड़ा असर 3.3 लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों पर पड़ने जा रहा है, जो वर्तमान में अमेरिका के कई यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं.

क्या है नया नियम?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को जारी इस नए नियम के तहत F-1 वीजा पर आने वाले दूसरे देश के छात्र अब अमेरिका में सामान्य तौर पर केवल 4 साल तक ही कानूनी रूप से रह सकेंगे. अगर किसी छात्र की पढ़ाई 4 साल से ज्यादा समय की है, तो उसे अपनी तय अवधि समाप्त होने से पहले डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी से स्पेशल एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा और मंजूरी लेनी होगी.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ईरान के कौन से ‘सीक्रेट मैसेज’ से US में मचा बवाल? जेडी वेंस को कैसे ट्रंप के दामाद के खिलाफ भड़का रहा

दशकों से चले आ रहे पुराने नियम के मुताबिक, F-1 वीजा धारक छात्रों को कोई फिक्स एक्सपायरी डेट नहीं दी जाती थी. वे तब तक अमेरिका में रह सकते थे, जब तक वे फुल-टाइम पढ़ाई कर रहे थे और वीजा की शर्तों का पालन कर रहे थे. लेकिन अब यह सहूलियत पूरी तरह खत्म हो गई है. यह नया नियम न केवल F-1 छात्रों पर, बल्कि J-1 एक्सचेंज विजिटर्स और मीडिया प्रतिनिधियों को मिलने वाले I-वीजा पर भी लागू होगा.

---विज्ञापन---

भारतीय छात्रों पर क्यों पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

यह नियम भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनने जा रहा है. इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में ‘ओपन डोर्स 2024’ की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है, 2023-24 के दौरान 3.31 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र अमेरिकी कॉलेजों में पढ़ रहे थे. अमेरिका में कुल इंटरनेशनल स्टूडेंट्स में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है.

यह भी पढ़ें : US Tariffs on India: रूसी तेल खरीदने पर भड़का अमेरिका, भारत पर 100% टैक्स लगाने के लिए सीनेट में आया नया बिल

---विज्ञापन---

भारतीय छात्र अक्सर पीएचडी, रिसर्च-बेस्ड मास्टर प्रोग्राम, मेडिकल ट्रेनिंग और इंजीनियरिंग रिसर्च जैसे स्पेशलाइज्ड कोर्स करने अमेरिका जाते हैं, जिन्हें पूरा होने में 4 साल से ज्यादा समय लगता है. अब इन सभी छात्रों को हर मोड़ पर एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा.

टाइम पूरा हो गया तो क्या होगा?

नए नियम के तहत अगर किसी छात्र की रहने की अवधि पूरी हो जाती है और उसे समय पर एक्सटेंशन नहीं मिलता, तो उसे तुरंत अमेरिका में ‘अवैध’ मान लिया जाएगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : क्या है भारत की ‘पुश बैक’ नीति? दो साल में 193 लोग भेजे गए बांग्लादेश; हिमंत ने किया खुलासा

हालांकि, यह नियम तुरंत लागू नहीं हो रहा है. इसे पहले अमेरिकी संसद की समीक्षा से गुजरना होगा, तब तक पुराना सिस्टम ही लागू रहेगा.

---विज्ञापन---

First published on: Jul 16, 2026 10:36 PM

End of Article

About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola