US-Iran-Israel War Latest News Live Updates: ईरान-इजरायल और अमेरिका का युद्ध अब अपने छठे हफ्ते में पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि 'पूरे देश को मंगलवार की एक ही रात में कब्जे में लिया जा सकता है.' यह टिप्पणी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की उनकी समय सीमा से पहले आई है.
इसके अलावा, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणालियों ने देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया; उसके रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
इसके अलावा इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मंगलवार को एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की, जिसमें पूरे ईरान के लोगों से ट्रेनों और रेलवे इंफ्रास्क्चर का इस्तेमाल न करने की अपील की गई. IDF ने कहा कि ऐसा करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है.
ट्रंप ने दी नई टाइमलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की एक नई समय-सीमा तय की है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का ही समय है.
उन्होंने धमकी दी कि अगर तेहरान ने स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला, तो वह ईरान के पावर प्लांट और अहम बुनियादी ढांचों पर बमबारी करेंगे. इसके जवाब में, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक देश को युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक स्ट्रेट बंद ही रहेगा.
ताजा अपडेट्स के लिए देखते रहें News24 लाइव.
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है. यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है दुनिया के लिए तेल
इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे ओपेक देशों के तेल कुओं से भारी मात्रा में निकला कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में सप्लाई किया जाता है.
वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफैड नेचुरल गैस (एलएनजी) उत्पादकों में से एक है. वह भी अपने गैस निर्यात के लिए इस रास्ते पर बहुत ज्यादा निर्भर है.
US-Iran-Israel War Latest News Live Updates: ईरान-इजरायल और अमेरिका का युद्ध अब अपने छठे हफ्ते में पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ‘पूरे देश को मंगलवार की एक ही रात में कब्जे में लिया जा सकता है.’ यह टिप्पणी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की उनकी समय सीमा से पहले आई है.
इसके अलावा, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणालियों ने देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया; उसके रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
इसके अलावा इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मंगलवार को एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की, जिसमें पूरे ईरान के लोगों से ट्रेनों और रेलवे इंफ्रास्क्चर का इस्तेमाल न करने की अपील की गई. IDF ने कहा कि ऐसा करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है.
ट्रंप ने दी नई टाइमलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की एक नई समय-सीमा तय की है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने चेतावनी दी कि मंगलवार को रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का ही समय है.
उन्होंने धमकी दी कि अगर तेहरान ने स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला, तो वह ईरान के पावर प्लांट और अहम बुनियादी ढांचों पर बमबारी करेंगे. इसके जवाब में, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि जब तक देश को युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक स्ट्रेट बंद ही रहेगा.
ताजा अपडेट्स के लिए देखते रहें News24 लाइव.
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है. यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे “दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है दुनिया के लिए तेल
इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे ओपेक देशों के तेल कुओं से भारी मात्रा में निकला कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में सप्लाई किया जाता है.
वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफैड नेचुरल गैस (एलएनजी) उत्पादकों में से एक है. वह भी अपने गैस निर्यात के लिए इस रास्ते पर बहुत ज्यादा निर्भर है.