अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से दो बार निशाना बनाए जाने के बाद की गई. अमेरिकी सेना का कहना है कि उसका युद्धपोत दोनों हमलों से बच गया और किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है.
US सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा US के एक युद्धपोत पर हमले के बाद, US सेना ने ईरान के कच्चे तेल ले जाने वाले पांच टैंकरों को नष्ट कर दिया है. बयान में कहा गया है कि US की यह कार्रवाई पिछले दो दिनों में ईरान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों से युद्धपोत को निशाना बनाने की दो कोशिशों के जवाब में की गई.
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वहीं, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी इन हमलों की खबर दी और बताया कि US सेना ने दक्षिणी बंदरगाह जास्क और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास ईरान के कम से कम तीन तेल टैंकरों पर हमला किया. इसमें कहा गया कि टैंकरों पर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
छह महीने से ज्यादा समय से चल रही लड़ाई के बीच, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक-दूसरे पर हमले करने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है. सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के हमलों का जवाब जरूर देगा.
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ईरान ने दी चेतावनी
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने की चेतावनी दी है. ईरान का आरोप है कि इन देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है और वे अमेरिकी अभियानों में सहयोग कर रहे हैं. इससे खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
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इस बीच सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के हमलों का जवाब जरूर देगा. कोलंबिया यात्रा के दौरान ईरान में हुए हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर रुबियो ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, 'ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमला करने की कोशिश कर रहा है और जब भी वे ऐसा करेंगे या करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें अपने टैंकर गंवाने पड़ेंगे और मुझे लगता है कि आज भी आप ऐसा ही देखेंगे.'
ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी
ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बीच कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहा तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
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