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आतंकी तहव्वुर राणा की आखिरी चाल हुई फेल, US सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, भारत आने का रास्ता साफ

Tahawwur Rana Extradition: भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए तहव्वुर राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तहव्वुर राणा ने 27 फरवरी को फिर से अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपातकालीन आवेदन पेश किया था। जिसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया। अपनी अपील के आवेदन में राणा ने कहा था कि मुझे वहां बहुत ज्यादा यातनाएं दी जाएंगी, क्योंकि मैं पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम हूं।

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आतंकी तहव्वुर राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका आज खारिज कर दी। पाकिस्तानी मूल का 64 वर्षीय कनाडाई नागरिक राणा फिलहाल लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है। उसने 27 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट न्यायाधीश और नौवें सर्किट की सर्किट न्यायाधीश एलेना कागन के समक्ष ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपातकालीन आवेदन’ प्रस्तुत किया था।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया आवेदन

पिछले महीने की शुरुआत में एलेना कागन ने तहव्वुर राणा के आवेदन अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद राणा ने अपने इस आवेदन को रिन्यू किया और अनुरोध किया कि रिन्यू आवेदन प्रधान न्यायाधीश रॉबर्ट्स को भेजा जाए। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर पोस्ट एक आदेश में कहा गया है कि राणा के रिन्यू आवेदन को चार अप्रैल 2025 की बैठक के लिए लिस्ट किया गया था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर एक नोटिस में कहा गया, ‘कोर्ट ने आवेदन को खारिज कर दिया है।’

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ट्रंप तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का कर चुके हैं ऐलान

बता दें कि पिछले महीने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि 26 नंवबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा। पीएम मोदी के साथ व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा था, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं और दुनिया के सबसे बुरे लोगों में से एक तहव्वुर राणा  को भारत में न्याय का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है।’ ट्रंप ने यह भी कहा था कि वह और पीएम मोदी कट्टरपंथी इस्लाम से पैदा हुए खतरे से लड़ेंगे। ट्रंप ने राणा को ‘बेहद खतरनाक व्यक्ति’ करार दिया था। 2011 में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तहव्वुर राणा और अन्य 8 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी जिसमें सभी पर मुंबई हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है ।

कौन है तहव्वुर राणा?

तहव्वुर राणा पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सदस्य और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी सहयोगी माना जाता है। तहव्वुर हुसैन राणा मूल रूप से पाकिस्तानी है, जो कि अब कनाडा का नागिरक है। इससे पहले वह अमेरिका के शिकागो का नागरिक भी रह चुका है। राणा ने पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के पद पर करीब 10 साल तक काम किया है। मेडिकल डिग्री हासिल करने के बाद वह पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में शामिल हो गया था। राणा की पत्नी भी डॉक्टर थी। 1997 में दोनों पति-पत्नी कनाडा चले गए और 2001 में कनाडा के नागरिक बन गए। साल 2009 में अपनी गिरफ्तारी से कुछ साल पहले राणा ने अमेरिका के शिकागो में एक इमीग्रेशन और ट्रैवल एजेंसी खोली थी। राणा ने मुंबई पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी की न सिर्फ मदद की थी बल्कि इस पूरी प्लानिंग का हिस्सा भी था। 26 नवंबर 2008 में मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी।

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First published on: Apr 07, 2025 10:19 PM

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