Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

ईरान से ‘डील’ चाहते हैं ट्रंप, पर इजरायल को शक; क्या तेहरान मानेगा अमेरिका की बात?

एक तरफ जहां ट्रंप सोशल मीडिया पर इस संभावित समझौते को लेकर आशावादी दिख रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत काफी अलग है. महीनों से जारी बमबारी और भारी जानी नुकसान के बाद ईरान का रुख बेहद सख्त है.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Mar 24, 2026 17:25

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बातचीत की सुगबुगाहट ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी बातचीत हुई है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करना है. हालांकि, इजरायल के शीर्ष अधिकारियों ने इस कूटनीतिक पहल की सफलता पर गहरा संदेह जताया है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए तीन वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप भले ही समझौता करना चाहते हों, लेकिन तेहरान उन कड़ी शर्तों को मानने के लिए शायद ही तैयार होगा जो अमेरिका मेज पर रखेगा. इजरायली अधिकारियों का मानना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर किसी भी तरह की पाबंदी स्वीकार नहीं करेगा, जो अमेरिका की मुख्य मांगें हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ‘आपने कहा, चलो करते हैं…’ ट्रंप ने ईरान पर हमले के लिए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ठहराया जिम्मेदार

बता दें, वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत का पिछला दौर 28 फरवरी को पूरी तरह विफल हो गया था. इसी दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था. तब से अब तक इस सैन्य टकराव में अकेले ईरान में लगभग 1,500 लोग मारे जा चुके हैं. यह संघर्ष ईरान के बढ़ते परमाणु भंडार और मिसाइल परीक्षणों के जवाब में शुरू हुआ था, जिसने मध्य पूर्व को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ट्रंप की सीक्रेट डिप्लोमेसी: कौन हैं विटकॉफ, कुशनर और गलीबाफ? जो ईरान वार को रुकवाने आए आगे

एक तरफ जहां ट्रंप सोशल मीडिया पर इस संभावित समझौते को लेकर आशावादी दिख रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत काफी अलग है. महीनों से जारी बमबारी और भारी जानी नुकसान के बाद ईरान का रुख बेहद सख्त है. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि जब तक ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह छोड़ने पर सहमत नहीं होता, तब तक किसी भी ‘टोटल रेजोल्यूशन’ की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी.

First published on: Mar 24, 2026 05:25 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.