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सुपर अल नीनो को लेकर 180 से अधिक वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, भारत में भीषण गर्मी का खतरा

Super El Nino Scientific Warning: देश के 180 से अधिक वैज्ञानिकों ने आने वाले 'सुपर अल नीनो' को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. प्रशांत महासागर का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से भारत की प्रकृति, खेती और मौसम पर गंभीर असर पड़ सकता है. सूखे और भयानक गर्मी की आशंका ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है.

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Super El Nino Scientific Warning: देश और दुनिया के मौसम तंत्र पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है. भारत के 180 से अधिक वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने आगामी ‘सुपर’ अल नीनो को लेकर गंभीर चिंता जताई है. विशेषज्ञों ने एक संयुक्त अपील पर हस्ताक्षर करते हुए साथी शोधकर्ताओं और फील्ड में काम करने वाले जानकारों से अपील की है कि वे इस अभूतपूर्व प्राकृतिक चुनौती से निपटने और निगरानी के लिए पूरी तरह तैयार रहें. देश में भीषण गर्मी और गंभीर सूखे के हालात बन सकते हैं. यह स्थिति भारत के किसानों, मछुआरों और चरवाहों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है.

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क्या है अल नीनो और क्यों डरा रहे हैं आंकड़े?

अल नीनो उस प्राकृतिक प्रक्रिया को कहते हैं, जब उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह का पानी असामान्य रूप से बहुत ज्यादा गर्म होने लगता है. सामान्य तौर पर जब तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार करता है, तो इसे अल नीनो की शुरुआत माना जाता है. हालांकि, मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है. अगस्त के महीने में यह तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच चुका है. अनुमानों के मुताबिक, यह अंतर 4 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो सकता है, जो कि बीते 1,000 वर्षों में दर्ज सबसे बड़ा बदलाव है.

फरवरी 2027 तक रह सकता है असर

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बनी यह स्थिति आने वाले महीनों में और अधिक मजबूत होकर एक ‘बड़ी घटना’ यानी ‘सुपर अल नीनो’ का रूप ले सकती है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर फरवरी 2027 तक जारी रह सकता है.

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भारत पर क्या होगा इसका असर?

वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी भीषण तीव्रता वाले अल नीनो का सीधा असर भारत की पारिस्थितिकी, प्राकृतिक प्रणालियों और आम जनता पर पड़ेगा. समुद्र में कोरल रीफ का बड़े पैमाने पर सफेद पड़ना और नष्ट होना शुरू हो सकता है. जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं और विशाल वर्षावन वृक्ष खत्म हो सकते हैं. वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक तंत्र और इंसानी जीवन पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को कम करने के लिए रिसर्च और निगरानी के प्रयासों को तुरंत तेज करने की जरूरत है.

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First published on: Sep 19, 2026 11:49 PM

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About the Author

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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