भारतीय सेना-वायुसेना ने मई 2025 में पाकिस्तान में घुसकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को तबाह कर दिया था। लश्कर के कई आतंकी ठिकानों और ट्रेनिंग कैंपों को ध्वस्त कर दिया था। हमले में लश्कर के सरगना हाफिज सईद के परिवार के मारे जाने की खबर भी आई थी। अब हाफिज सईद और लश्कर को लेकर फिर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, हाफिज सईद ने लश्कर का पुनर्गठन शुरू कर दिया है। साथ अपना उत्तराधिकारी भी फाइनल कर दिया है। हाफिज सईद ने करीबी सहयोगियों की सलाह से बेटे तल्हा को लश्कर की कमान सौंपने का फैसला किया है।
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आतंकी संगठन को 3 शाखाओं में बांटा जाएगा
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद लश्कर में आंतरिक विवाद चल रहा था। इसलिए गहन विचार-विमर्श के बाद आतंकी संगठन को फिर से खड़ा करने और बेटे तल्हा सईद को नया ऑपरेशनल कमांडर नियुक्त करने का फैसला हाफिज सईद ने किया है। आतंकी संगठन के 3 शाखाएं बनाने का ऐलान भी हाफिज सईद ने किया है। बता दें कि हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और संयुक्त राष्ट्र के द्वारा उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। उसका आतंकी संगठन लश्कर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर काम करता है।
लश्कर की 3 शाखाएं क्या-क्या काम करेंगी?
सूत्रों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा की कार्रवाई संबंधी अहम फैसले लेने की जिम्मेदारी तल्हा के पास रहेगी। संगठन की एक शाखा बलूचिस्तान में, दूसरी शाखा खैबर पख्तूनख्वा में और तीसरी शाखा गुलाम कश्मीर POK में काम करेगी। वहां के युवाओं में भारत विरोधी भावनाएं भड़काकर उन्हें अपना सहयोगी बनाएगी। इसके अलावा आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी से लड़ने में भी पाकिस्तानी सेना की मदद भी करेगा। बता दें कि ISI भारत में आतंकी कार्रवाई करने के लिए लश्कर-ए-तैयबा को फिर से पुनर्गठित करा रही है।
कौन है हाफिज सईद और कहां रहता है?
हाफिज सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सह-संस्थापक और भारत का वांछित आतंकवादी है। हाफिज ने लश्कर की स्थापना 1987 में की थी और जमात-उद-दावा इसका चैरिटी संगठन है। हाफिज सईद भारत में 26/11 मुंबई आतंकी हमले (2008) का मास्टरमाइंड है। भारतीय संसद पर आतंकी हमला (2001) का मास्टरमाइंड है। मुंबई ट्रेन बम विस्फोट (2006) भी हाफिज ने ही कराए थे। हाफिज को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), भारत, अमेरिका, और यूरोपीय संघ समेत कई वैश्विक संस्थाओं ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया हुआ है।
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उसकी गिरफ्तारी या खात्मे पर अमेरिका के रिवार्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा गया है। प्रतिबंधों से बेखौफ हाफिल जेल की जगह लाहौर में एक VVIP बंगले में परिवार के साथ ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी रहा है। भारत सरकार ने पाकिस्तान से उसे सौंपने के लिए औपचारिक रूप प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है।