30 मिनट और 9 मीटर वाटर लेवल… सैटेलाइट इमेज से हुआ खुलासा, कैसे मची नेपाल में तबाही?
Flash Flood In Nepal: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने जबरदस्त तबाही मचा दी है, इसके वायरल वीडियोज दिल दहला देने वाले हैं. अब इसके सैटेलाइट इमेज ने बर्बादी का अंदाजा लगाया जा सकता है, पहले और बाद की तस्वीरें चिंता पैदा कर रही हैं.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 27, 2026 09:41
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 27, 2026 09:41
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नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ (Photo-@NDRRMA_Nepal)
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Nepal Flash Flood Satellite Image: शुरुआती सैटेलाइट तस्वीरों से नेपाल में चीन बॉर्डर के पास आई जानलेवा फ्लैश फ्लड की संभावित वजह के बारे में नए सुराग मिले हैं. नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की तरफ से शेयर किए गए प्लैनेट लैब्स के एनालिसिस से पता चलता है कि बर्फ और चट्टान के लैंडस्लाइड की वजह से मलबे वाली जबरदस्त बाढ़ आई हो सकती है.
नेपाल-चीन सीमा पर आई बाढ़
ये घटना रसुवागढ़ी नेपाल-चीन बॉर्डर क्रॉसिंग से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई. शुरुआती आकलन के मुताबिक, ग्लेशियर जोन के पास बर्फ और चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटकर अलग हो गया और या तो किसी ग्लेशियल झील में गिर गया या नदी के रास्ते में रुकावट पैदा कर दी. इसके बाद पिघली हुई बर्फ का पानी, बर्फ और मलबा ल्हेन्डे खोला (Lhende Khola) से होते हुए भोटे कोशी नदी में जा गिरा, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई.
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Planet Labs को स्याटेलाइट तस्बिरको विश्लेषणका आधारमा गरिएको प्रारम्भिक अध्ययनबाट नेपाल-चीन रसुवागढी नाकाबाट करिब २० किलोमिटर उत्तरपूर्व नेपाल-चीन सिमानामा गएको हिम-चट्टान पहिरोका कारण ल्हेन्दे खोलामा गेग्य्रानसहितको बाढी आएको देखिएको छ। pic.twitter.com/kCAo9O1Zb0
प्लैनेट लैब्स ने 25 और 26 अगस्त की सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना की, जिसमें बाढ़ के बाद प्रभावित इलाके में बड़े बदलाव दिखे. इस आपदा ने बस्तियों, सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक 30 मिनट में ही 9 मीटर पानी का लेवल बढ़ गया, जिससे तबाही आ गई.
काफी लोग लापता
सैकड़ों लोगों के लापता होने की भी खबर है. नेपाली अधिकारियों ने बताया कि 500 से ज्यादा टूरिस्ट लापता हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे देशों के सैंकड़ों विदेशी नागरिक शामिल हैं. लापता लोगों में से कई के भारतीय होने की आशंका है, जिनमें तिब्बत में माउंट कैलाश की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री भी शामिल हैं. बुधवार, 26 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया और वो उफान पर आ गई, जिससे गांवों, सड़कों और हाइड्रोपावर सुविधाओं को नुकसान पहुंचा.
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भारत ने मदद की पेशकश की
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और उन्हें भारत के सपोर्ट का भरोसा दिलाया. मोदी ने कहा, ‘भारत नेपाल को हर तरह की मानवीय मदद देने के लिए तैयार है.’ उन्होंने कहा कि भारतीय टीमें बचाव और राहत कार्यों में तालमेल बिठा रही हैं. इस इलाके में पिछले साल अगस्त में भी ऐसी ही आपदा आई थी, जब ज्यादा तापमान के कारण तिब्बत में एक ग्लेशियल झील का पानी उफान पर आ गया था. उस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई थी और नेपाल और चीन को जोड़ने वाले पुल समेत अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा था.