---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा काम्बोज बोलीं, शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद सबसे गंभीर खतरा

नई दिल्ली: पिछले दो दशकों में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने आतंकवाद और आतंकवाद के लिए अनुकूल हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने में ठोस प्रगति की है। फिर भी आतंकवादी खतरा बना रहता है और हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद विकसित हुआ है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि और आतंकवाद […]

---विज्ञापन---

नई दिल्ली: पिछले दो दशकों में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने आतंकवाद और आतंकवाद के लिए अनुकूल हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने में ठोस प्रगति की है। फिर भी आतंकवादी खतरा बना रहता है और हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद विकसित हुआ है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि और आतंकवाद विरोधी समिति की अध्यक्ष रुचिरा काम्बोज ने यह बातें कहीं।

अभी पढ़ें ‘भारत-चीन को बातचीत के जरिए आपसी मुद्दों को सुलझाना चाहिए’, विदाई भाषण में बोले चीनी राजदूत

---विज्ञापन---

 

---विज्ञापन---

 

आगे अपने संबोधन में रुचिरा काम्बोज ने कहा शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है। प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रसार और डिजिटलीकरण में तेजी से वृद्धि के साथ, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग को संबोधित करना बढ़ती चिंता का विषय बन गया है।

---विज्ञापन---

अभी पढ़ें ऋषि सुनक को किंग चार्ल्स III ने नियुक्त किया नया पीएम, सुनक बोले अगली पीढ़ी को कर्ज में नहीं छोड़ूंगा

रुचिरा कम्बोज ने कहा आतंकवाद विरोधी प्रयासों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों की क्षमता को पहचानने के साथ-साथ इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए समिति भारत में आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग का मुकाबला करने के लिए अपनी विशेष बैठक आयोजित करने के लिए एक साथ आई है।

---विज्ञापन---

अभी पढ़ें – दुनिया से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

First published on: Oct 26, 2022 05:48 PM

End of Article

About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola