अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार जारी है, अमेरिकी राष्ट्रपति का वह भ्रम कि ईरान को 48 घंटे के अंदर बर्बाद कर दिया जाएगा. इस भ्रम को ईरान ने पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है. क्योंकि ईरान ने इस युद्द को पूरे मिडिल ईस्ट में बांट दिया है. यानी हम तो जाएगा तुम सभी को भी खुद के साथ लेकर जाएंगे. अब इस युद्ध को लेकर ट्रंम भी पशोपश में है कि वह अगला कदम क्या उठाए.
आपको बता दे कि मिडिल ईस्ट के तमाम देश जिनमें ईरान को छोड़कर खुद को आधुनिक जीवन शैली कैसे जिया जाए उस पर ध्यान दिया कैसे टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए उसपर ध्यान दिया, लेकिन ईरान ही एक मात्र ऐसा देश निकला जिसने अपना सारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी सेना की ताकत को बढ़ाने मे लगाया.
युद्ध की बात करें तो दुनिया ने अभी तक ईरान के ड्रोन अटैक को ही देखा है लेकिन न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक ईरान के पास अभी कई ऐसे घातक हथियार और पांचवी पीढ़ी के एडवांस आर्मस मौजूद है जिनका इस्तेमाल उसने अभी तक किया ही नहीं है. ईरान इन्ही हथियारों के बल पर अमेरिका और उसे सहयोग करने वाले देश को धमका रहा है. क्योंकि ये ईरान के वो एडवांस और नेक्स्ट जनरेशन आर्मस हैं जो कभी भी युद्द को किसी के भी पाले में ला सकता है. इसके अलावा ईरान के यह हथियार अमेरिका- इजरायल और ईरान के युद्ध में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं.
यह भी पढ़ें;मिडिल ईस्ट के बाद एक और जंग की शुरुआत? काबुल में 400 मौतों के बाद तालिबान ने कर दिया
मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक पिछले कुछ सालों के अंदर ईरान ने सैकड़ों नेक्स्ट जनरेशन हथियार को इकठ्ठा किया है, जो मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स जैसे आयरन डोम, पैट्रियट या एजिस को चकमा देने का मुद्दा रखता रखने के साथ ही चंद सेकेंड में ही दुश्मन को ढेर कर सकता है.
आखिर वह कौन सा अत्याधुनिक हथियार ईरान के पास है जिसके दम पर वह हुंकार भर रहा है. न्यूज 24 आपको सिलसिलेवार तरीके से सभी की जानकारी दे रहा है.
Sejjil-3 एक्सटेंडेड रेंज या बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी वाली मिसाइल
अभी ईरान ने इस्तेमाल नहीं की. यह हार्ड-टू-इंटरसेप्ट है और अंडरग्राउंड लॉन्च से आ सकती है. अभी ईरान ने इसे रिजर्व रखा है और बड़े स्ट्राइक्स के लिए इसको यूज़ कर सजता है.
Fattah-2 (ट्रू हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल)
ज्यादा मैन्यूवरेबल, बेहतर टर्मिनल फेज वाली मिसाइल, 2000+ किलोमीटर रेंज, अभी भी अपनी फुल स्केल में इस्तेमाल होना बाकी है. ईरान इसे आखिरी कार्ड मानता है. यह इजरायल के एयर डिफेंस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ा करने की क्षमता रखता है.
Khorramshahr-4 (Kheibar variants के हेवी पेलोड)
2,000 किमी+, 1,500-2,000 kg वॉरहेड, हाइपरसोनिक स्पीड क्लेम, कुछ वेव्स में इस्तेमाल हुआ, लेकिन फुल हेवी पेलोड या क्लस्टर + MIRV जैसे एडवांस्ड वेरिएंट अभी रिजर्व हैं. मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का अपग्रेड वर्ज़न, क्लस्टर वॉरहेड कैरी कर सकती है. यह बड़े पैमाने पर डैमेज के लिए इस्तेमाल हो सकता है अगर ईरान सैचुरेशन अटैक बढ़ाए.
Arash-2 या लॉन्ग-रेंज कामिकाजे ड्रोन्स
लॉन्ग-रेंज, हाई-पे लोड कामिकाजे ड्रोन जिसका अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ. यह Shahed-136 से बेहतर है और गल्फ या इजरायल के डीप टारगेट्स पर इस्तेमाल हो सकता है.
Haj Qasem हाइपरसोनिक मिसाइल: -1
यह एक मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल है. जिसकी मारक क्षमता लगभग 450-2,000 किमी है.
एडवांस्ड एंटी-शिप मिसाइल्स और नेवल वेपन्स (अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद करना हो)
Ghadir-class सबमरीन्स से लॉन्च होने वाली एंटी-शिप मिसाइल्स (जैसे Qader, Noor variants) या हाइपरसोनिक एंटी-शिप (Fattah naval variant) अभी इस्तेमाल होना बाकी है. ईरान ने अभी तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह ब्लॉक नहीं किया, लेकिन खामेनेई ने कहा है कि वे अतिरिक्त फ्रंट्स खोल सकते हैं. यह ऑयल टैंकरों और US नेवी पर बड़ा अटैक हो सकता है.
प्रॉक्सी फोर्सेस के थ्रू एस्केलेशन (Hezbollah, Houthis, Iraqi militias).
Hezbollah: अभी लिमिटेड रॉकेट और ड्रोन अटैक्स कर रहा है, लेकिन उसके पास 25,000+ मिसाइल्स (Precision-guided, anti-tank, drones) बचे हैं. अगर फुल एस्केलेशन हुआ तो नार्थ इजरायल पर बड़ा अटैक हो सकता है. Houthis (Yemen) अभी साइडलाइन पर हैं (Red Sea attacks शुरू नहीं हुआ है), लेकिन उनके पास ballistic missiles और drones हैं जो इजरायल और गल्फ तक पहुंच सकते हैं. अगर वे जॉइन करेंगे तो शिपिंग रूट्स और ऑयल पर बड़ा असर होगा.
यह भी पढ़ें;ईरान के बाद कौन-सा देश होगा ट्रंप का अगला टारगेट और क्यों? US प्रेसिडेंट ने खुद किया बड़ा
ईरान के पास हथियारों का स्टॉक, रूस-चीन भी कर रहे मदद
ईरान के IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) कमांडरों ने बार-बार Strait of Hormuz को ब्लॉक करने, इजराइल पर मिसाइल बैराज और अमेरिकी बेसेज पर ड्रोन अटैक्स की धमकी दी है. ईरान के पास 3,000 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों का स्टॉक है, हालांकि 2025 के 12-दिन के युद्ध और हाल के हमलों में सैकड़ों का इस्तेमाल होने के बाद भी हजारों बाकी हैं. ईरान रूस और चीन से भी हथियार खरीद रहा है जिसके कारण उसकी ताकत और ज्यादा बढ़ रही है.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार जारी है, अमेरिकी राष्ट्रपति का वह भ्रम कि ईरान को 48 घंटे के अंदर बर्बाद कर दिया जाएगा. इस भ्रम को ईरान ने पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है. क्योंकि ईरान ने इस युद्द को पूरे मिडिल ईस्ट में बांट दिया है. यानी हम तो जाएगा तुम सभी को भी खुद के साथ लेकर जाएंगे. अब इस युद्ध को लेकर ट्रंम भी पशोपश में है कि वह अगला कदम क्या उठाए.
आपको बता दे कि मिडिल ईस्ट के तमाम देश जिनमें ईरान को छोड़कर खुद को आधुनिक जीवन शैली कैसे जिया जाए उस पर ध्यान दिया कैसे टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए उसपर ध्यान दिया, लेकिन ईरान ही एक मात्र ऐसा देश निकला जिसने अपना सारा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी सेना की ताकत को बढ़ाने मे लगाया.
युद्ध की बात करें तो दुनिया ने अभी तक ईरान के ड्रोन अटैक को ही देखा है लेकिन न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक ईरान के पास अभी कई ऐसे घातक हथियार और पांचवी पीढ़ी के एडवांस आर्मस मौजूद है जिनका इस्तेमाल उसने अभी तक किया ही नहीं है. ईरान इन्ही हथियारों के बल पर अमेरिका और उसे सहयोग करने वाले देश को धमका रहा है. क्योंकि ये ईरान के वो एडवांस और नेक्स्ट जनरेशन आर्मस हैं जो कभी भी युद्द को किसी के भी पाले में ला सकता है. इसके अलावा ईरान के यह हथियार अमेरिका- इजरायल और ईरान के युद्ध में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं.
यह भी पढ़ें;मिडिल ईस्ट के बाद एक और जंग की शुरुआत? काबुल में 400 मौतों के बाद तालिबान ने कर दिया
मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक पिछले कुछ सालों के अंदर ईरान ने सैकड़ों नेक्स्ट जनरेशन हथियार को इकठ्ठा किया है, जो मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स जैसे आयरन डोम, पैट्रियट या एजिस को चकमा देने का मुद्दा रखता रखने के साथ ही चंद सेकेंड में ही दुश्मन को ढेर कर सकता है.
आखिर वह कौन सा अत्याधुनिक हथियार ईरान के पास है जिसके दम पर वह हुंकार भर रहा है. न्यूज 24 आपको सिलसिलेवार तरीके से सभी की जानकारी दे रहा है.
Sejjil-3 एक्सटेंडेड रेंज या बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी वाली मिसाइल
अभी ईरान ने इस्तेमाल नहीं की. यह हार्ड-टू-इंटरसेप्ट है और अंडरग्राउंड लॉन्च से आ सकती है. अभी ईरान ने इसे रिजर्व रखा है और बड़े स्ट्राइक्स के लिए इसको यूज़ कर सजता है.
Fattah-2 (ट्रू हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल)
ज्यादा मैन्यूवरेबल, बेहतर टर्मिनल फेज वाली मिसाइल, 2000+ किलोमीटर रेंज, अभी भी अपनी फुल स्केल में इस्तेमाल होना बाकी है. ईरान इसे आखिरी कार्ड मानता है. यह इजरायल के एयर डिफेंस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ा करने की क्षमता रखता है.
Khorramshahr-4 (Kheibar variants के हेवी पेलोड)
2,000 किमी+, 1,500-2,000 kg वॉरहेड, हाइपरसोनिक स्पीड क्लेम, कुछ वेव्स में इस्तेमाल हुआ, लेकिन फुल हेवी पेलोड या क्लस्टर + MIRV जैसे एडवांस्ड वेरिएंट अभी रिजर्व हैं. मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का अपग्रेड वर्ज़न, क्लस्टर वॉरहेड कैरी कर सकती है. यह बड़े पैमाने पर डैमेज के लिए इस्तेमाल हो सकता है अगर ईरान सैचुरेशन अटैक बढ़ाए.
Arash-2 या लॉन्ग-रेंज कामिकाजे ड्रोन्स
लॉन्ग-रेंज, हाई-पे लोड कामिकाजे ड्रोन जिसका अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ. यह Shahed-136 से बेहतर है और गल्फ या इजरायल के डीप टारगेट्स पर इस्तेमाल हो सकता है.
Haj Qasem हाइपरसोनिक मिसाइल: -1
यह एक मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल है. जिसकी मारक क्षमता लगभग 450-2,000 किमी है.
एडवांस्ड एंटी-शिप मिसाइल्स और नेवल वेपन्स (अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद करना हो)
Ghadir-class सबमरीन्स से लॉन्च होने वाली एंटी-शिप मिसाइल्स (जैसे Qader, Noor variants) या हाइपरसोनिक एंटी-शिप (Fattah naval variant) अभी इस्तेमाल होना बाकी है. ईरान ने अभी तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह ब्लॉक नहीं किया, लेकिन खामेनेई ने कहा है कि वे अतिरिक्त फ्रंट्स खोल सकते हैं. यह ऑयल टैंकरों और US नेवी पर बड़ा अटैक हो सकता है.
प्रॉक्सी फोर्सेस के थ्रू एस्केलेशन (Hezbollah, Houthis, Iraqi militias).
Hezbollah: अभी लिमिटेड रॉकेट और ड्रोन अटैक्स कर रहा है, लेकिन उसके पास 25,000+ मिसाइल्स (Precision-guided, anti-tank, drones) बचे हैं. अगर फुल एस्केलेशन हुआ तो नार्थ इजरायल पर बड़ा अटैक हो सकता है. Houthis (Yemen) अभी साइडलाइन पर हैं (Red Sea attacks शुरू नहीं हुआ है), लेकिन उनके पास ballistic missiles और drones हैं जो इजरायल और गल्फ तक पहुंच सकते हैं. अगर वे जॉइन करेंगे तो शिपिंग रूट्स और ऑयल पर बड़ा असर होगा.
यह भी पढ़ें;ईरान के बाद कौन-सा देश होगा ट्रंप का अगला टारगेट और क्यों? US प्रेसिडेंट ने खुद किया बड़ा
ईरान के पास हथियारों का स्टॉक, रूस-चीन भी कर रहे मदद
ईरान के IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) कमांडरों ने बार-बार Strait of Hormuz को ब्लॉक करने, इजराइल पर मिसाइल बैराज और अमेरिकी बेसेज पर ड्रोन अटैक्स की धमकी दी है. ईरान के पास 3,000 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों का स्टॉक है, हालांकि 2025 के 12-दिन के युद्ध और हाल के हमलों में सैकड़ों का इस्तेमाल होने के बाद भी हजारों बाकी हैं. ईरान रूस और चीन से भी हथियार खरीद रहा है जिसके कारण उसकी ताकत और ज्यादा बढ़ रही है.