Pakistan Women Related Crime Increase: पाकिस्तान में पिछले चार साल में महिलाओं से घरेलू हिंसा के एक लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं. इसके अलावा 7,500 से ज़्यादा महिलाओं की हत्या हो चुकी है. महिला क्राइम के जुड़े इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पाकिस्तान में मानवाधिकार और महिलाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, महिला क्राइम से जुड़े इन आंकड़ों का खुलासा खुद पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री आजम नजीर तरार ने 7 नवंबर को नेशनल असेंबली के सामने किया. उन्होंने कहा कि देश में 2021 से 2024 तक चार वर्षों में 1,553 सम्मान के नाम पर 7,500 से अधिक महिलाओं की हत्या कर दी गई.
17,771 महिलाओं के साथ दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म
डॉन के अनुसार, नेशनल असेंबली में बीते 7 नवंबर को पाकिस्तान के पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री आजम नजीर तरार ने महिला क्राइम से जुड़े आंकड़ों के बारे में सूचित किया. मंत्री तरार ने यह जवाब जेयूआई-एफ की नईमा किश्वर खान द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित उत्तर में यह आंकड़े पेश किए.
तरार के अनुसार, इन आंकड़ों को नेशनल पुलिस ब्यूरो ने इकट्ठा किया है. इन आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार साल में पाकिस्तान में दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के 17,771 मामले सामने आए. दस्तावेज़ यह भी बताते हैं कि 121 महिलाओं को हिरासत के दौरान यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. 9,799 महिलाओं को उनके पतियों ने घर में टॉर्चर किया.
महिलाओं के साथ हिंसा के कुल 1,73,367 मामले दर्ज
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान में पिछले चार साल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुल 1,73,367 विभिन्न मामले दर्ज किए गए. आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं से जुड़े क्राइम में हर साल वृद्धि दिखाई है, क्योंकि 2021 में 30,757 मामले, 2022 में 35,477, 2023 में 46,036 और 2024 में 61,997 मामले दर्ज किए गए. पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने बताया है कि सम्मान-आधारित क्राइम में प्रतिवर्ष लगभग 1,000 महिलाओं की हत्या कर दी जाती है, रिपोर्ट कम होती हैं, वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा होगी. पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा का एक महत्वपूर्ण मामला 2016 में इन्फ्लयूंसर कंदील बलोच की हत्या का था, जिनकी उनके भाई ने सामाजिक मानदंडों की अवहेलना करने और एक स्वतंत्र जीवन जीने के लिए गला घोंटकर हत्या कर दी थी.










