अली लारीजानी के पार्थिव शरीर की पहली तस्वीर हुई वायरल, बगल में बेटे मोर्तजा की डेड बॉडी

ईरान के कद्दावर नेता और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी की इजरायली हमले में मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर की पहली तस्वीर सार्वजनिक हुई है. यह तस्वीर उस समय सामने आई है जब ईरान अपने ‘शहीद स्मारक’ पर उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है.

ali larjani deadbody
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तेहरान के शहीद स्मारक से ईरान के कद्दावर नेता और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी तथा उनके बेटे मोर्तजा लारीजानी के शवों की कथित पहली तस्वीर वायरल हुई है. इजरायली एयरस्ट्राइक में शहीद हुए इन दोनों के ताबूत एक साथ रखे गए हैं, जहां अली लारीजानी का शव उनके बेटे की डेड बॉडी के ठीक बगल में दिखाई दे रहा है. यह तस्वीर ईरान में शोक की लहर पैदा कर रही है. अली लारीजानी राजधानी तेहरान के उत्तर-पूर्व इलाके परदिस में स्थित अपनी बेटी के घर पर मौजूद थे, तभी इजरायल ने उन्हें टारगेट करके घातक हमला किया.

इस हमले में उनके बेटे मोर्तजा लारीजानी के अलावा उनके डिप्टी अलीरेजा बायात और कई बॉडीगार्ड्स भी शहीद हो गए. तस्वीरों में लारिजानी का शव उनके बेटे की डेड बॉडी के ठीक बगल में रखा हुआ दिखाई दे रहा है.

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इस्लामी गणराज्य का आजीवन सेवक

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अली लारीजानी को “इस्लामी गणराज्य का आजीवन सेवक” बताते हुए शहादत की पुष्टि की है. यह हमला मौजूदा ईरान युद्ध में ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर इजरायल के सबसे सीधे और गंभीर हमलों में से एक माना जा रहा है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पहले ही दावा किया था कि अली लारीजानी को “खत्म” कर दिया गया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की कि हमला उनकी बेटी के घर पर हुआ, जहां वे परिवार के साथ थे. यह घटना ईरान में गहरे आक्रोश का कारण बन रही है, और बदले की कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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